सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, थानों और तहसीलों में लोगों को न्याय पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही और इसका जवाब उसे जनता को देना होगा। चुनावी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन की बात करती है लेकिन समय पर पंचायत चुनाव तक नहीं करा पा रही। यदि सरकार एक साथ चुनाव कराने की बात करती तो स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में देरी क्यों हो रही, इसका जवाब देना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा कि वह किसी को डरा नहीं रहे, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के प्रति आगाह कर रहे हैं।
अखिलेश यादव और ओपी राजभर।
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उत्तर प्रदेश में हाल में हुए एनकाउंटर पर अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद भी पीड़ित परिवार की बहन संतुष्ट नहीं है तो इसका मतलब है कि सरकार पर लोगों का भरोसा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दबदबा कायम करने के लिए एनकाउंटर की राजनीति कर रही है। मुस्लिम समाज के मुद्दों पर चुप रहने के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के आरोप पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि कब और किस मुद्दे पर बोलना है। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा को हराना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। सपा की सरकार बनने पर अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के सपा में टूट संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि उनकी मोल-भाव की क्षमता समाप्त हो चुकी है और अब वह वही बयान देते हैं, जो उनसे कहलवाया जाता है।