सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, उससे बड़ी बात यह है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो। उन्होंने कहा कि फिर दोहराते हैं, बात सीट की नहीं जीत की है। उन्होंने कहा कि यह जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि सांप्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर बड़ा राजनीतिक प्रहार किया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक 50 सूत्रीय बयान में अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार, किसान-युवाओं की उपेक्षा और सामाजिक असमानता जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी करवाने वाले और चढ़ावा चोरी में लिप्त भाजपा नेताओं की झूठी बातों पर अब उत्तर प्रदेश की जनता को कोई भरोसा नहीं रह गया है।
अखिलेश ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग जनहित के बजाय केवल अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों को हटवाने में व्यस्त हैं। उन्होंने सरकार पर संविधान का विरोध करने, बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को क्षति पहुंचाने और पूज्य शंकराचार्य तक पर भद्दे आरोप लगवाने के गंभीर आरोप लगाए। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस का दावा पूरी तरह शून्य हो चुका है। हिरासत में मौतों के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, आईपीएस अधिकारी फरार हो रहे हैं और थानों पर छापे पड़ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, पुलों और मंदिरों के निर्माण के नाम पर भारी कमीशनखोरी की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के किसान, युवा, व्यापारी और पीडीए समाज की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आवारा पशुओं से फसल की तबाही, खाद-बिजली की किल्लत, 69000 शिक्षक भर्ती व सैन्य भर्तियों में धांधली और पुरानी पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारियों की प्रताड़ना से हर वर्ग त्रस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की आपसी खींचतान और अंदरूनी राजनीतिक लड़ाई ने प्रदेश के विकास को पूरी तरह ठप कर दिया है।