उन्होंने कहा कि फिर सवाल उठ रहा है कि यह मैपिंग एप किसका है। आयोग को कौन तकनीकी मदद दे रहा है। अगर एप उस कंपनी का है, जिसने भाजपा को इलेक्टोरल बांड से चंदा दिया है तो यह बड़ा सवाल खड़ा होता है। अगर भाजपा को चंदा देनी वाली कंपनी मैपिंग कर रही है तो इसका मतलब है लाखों वोट डिलीट कर विपक्ष को उलझाए रखने की साजिश है। भाजपा की विचारधारा से जुड़े अधिकारियों को जिलों में नोटिस पर सुनवाई के लिए लगाया गया है।
सरकार बताए, एसआईआर में कितने घुसपैठियों निकले
अखिलेश ने कहा कि पहले जो फर्जी और डबल-ट्रिपल वोट थे, भाजपा उन्हें दोबारा जोड़ना चाहती है। मतदाताओं की सुनवाई राजनीतिक दलों के बीएलए की मौजूदगी में हो। सरकार यह भी बताए कि एसआईआर में कितने घुसपैठिए निकले।
अखिलेश ने समझाया घपले का अपना गणित
अखिलेश ने सवाल उठाया कि स्थानीय निकाय (नगर व देहात) में कुल मतदाताओं की संख्या विधानसभा-लोकसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या के बराबर होनी चाहिए। विधानसभा की मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाता हैं, वहीं ग्राम पंचायतों में 12.69 करोड़ और नगर निकाय में 4.32 करोड़ मतदाता हैं। इस तरह से स्थानीय निकाय में 17 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
पश्चिम बंगाल में नहीं जीतेगी भाजपा
अखिलेश ने कहा कि यह सरकार अब डाटा की भी चोरी कर रही है। भाजपा पश्चिम बंगाल में नहीं जीतने वाली है। वहां की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी के साथ है।
मेरठ कांड में भाजपा के लोग शामिल
अखिलेश यादव ने मेरठ में मां की हत्या और बेटी के अपहरण की घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इस घटना में भाजपा के लोग शामिल है। इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है। सपा सांसद रामजी लाल सुमन मेरठ जाना चाहते थे, पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया।