उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुकाबले समाजवादी पार्टी के ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीते थे। लेकिन भाजपा ने धन बल, छल.बल और जिला प्रशासन के द्वारा जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों पर उत्पीड़न की कार्यवाही कर हारी बाजी को जीत में बदला।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद ब्लाक प्रमुख चुनाव में भी भाजपा मनमानी कर रही है। भाजपा ने लोकतंत्र का खुलकर मजाक बना दिया है। सदस्यों को डराया धमकाया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुकाबले समाजवादी पार्टी के ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीते थे। लेकिन भाजपा ने धन बल, छल.बल और जिला प्रशासन के द्वारा जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों पर उत्पीड़न की कार्यवाही कर हारी बाजी को जीत में बदला। अब भाजपा ब्लाक प्रमुखों के चुनाव में वही कहानी दोहराना चाहती है। अब ब्लाक प्रमुखों के चुनाव में प्रभारी निरीक्षक क्षेत्र पंचायत सदस्यों और समर्थकों की सूची मांग रहे हैं।
यह लोकतंत्र का गला घोंटने की दूसरी कवायद है क्योंकि भाजपा जानती है कि अपने बूते कोई चुनाव जीतना उसके बस में नहीं है। छल कपट, आतंक और झूठे मुकदमों में फंसाने की तरकीबें ही उसे आती है। भाजपा सरकार की धांधली की शुरुआत नामांकन प्रक्त्रिस्या से ही शुरू हो गई है। जब समाजवादी पार्टी प्रत्याशी को देवरिया में नामांकन पत्र लेने के लिए परिचय पत्र देने में आनाकानी की गई। धरने पर बैठे पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण को पुलिस ने जबरन उठाया। कन्नौज के छिबरामऊ में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के हाथ से नामांकन पत्र छीना गया। यही स्थिति अन्य जिलों की हैं।