मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने की कोई जल्दी नहीं है। सारे पहलुओं पर विचार करके सरकार इसे लागू करने के बारे में निर्णय करेगी।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में जापानी इन्सेफेलाइटिस (जेई) को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। इसकी रोकथाम के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों द्वारा खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि इसमें अनाज के ट्रांसपोर्टेशन पर आने वाले खर्च समेत कई अन्य पहलुओं पर विचार करना होगा।
सरकार देखेगी कि इसे कैसे लागू किया जा सकता है। पूरे मामले पर विस्तार से विचार-विमर्श करके कोई निर्णय किया जाएगा।
पूर्वांचल में जेई से होने वाली मौतों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि इस बीमारी से किसी की जान न जाए। हाल ही स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने पूर्वांचल का दौरा करके समीक्षा की थी।
रोग पर नियंत्रण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। यह गंभीर बीमारी है और एकदम से इस पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता है।
फिर भी टीकाकरण व दवाओं की व्यवस्था करके सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। जेई से मौत पर आर्थिक सहायता में इजाफा किया गया है।
इस रोग से पीड़ित बच्चों के लिए अलग से अस्पताल खोलने का निर्णय किया गया है। जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।
कुछ जिलों में कन्या विद्याधन के चेक बाउंस होने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आय से अधिक संपत्ति तथा गोवा में रंगरेलियां मनाते धरे गए सपा विधायक महेंद्र कुमार सिंह उर्फ झीन बाबू से संबंधित सवालों को वे मुस्कराकर टाल गए।