आम चुनाव में पार्टी की करारी हार और फिर बदायूं मामले पर सरकार की किरकिरी के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव के संकेत दिये हैं जिसके लिए उन्होंने सोमवार को राजभवन जाकर राज्यपाल बीएल जोशी से मुलाकात की।
समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने चुनाव में खराब भूमिका वाले मंत्रियों को हटाकर नए मंत्रियों को शामिल करने और बदायूं कांड में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी देने के अलावा विधानमंडल के आगामी बजट सत्र को लेकर चर्चा की है।
नए मंत्रियों को एक-दो दिन में शपथ दिलाई जा सकती है। राज्यपाल पिछले करीब दस दिन से छुट्टी पर थे।
वह राजधानी लौटे तो मुख्यमंत्री ने दिन में करीब एक बजे राजभवन पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
शामिल हो सकते हैं नए मंत्री
वैसे राज्यपाल सचिवालय व मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी इसे सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हैं।
पर, सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में खराब भूमिका वाले मंत्रियों का हटाकर कुछ नए मंत्री शामिल करने को लेकर भी जोशी से चर्चा की है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री के साथ पार्टी के पदाधिकारियों, प्रत्याशियों, जनप्रतिनिधियों से कई चरण में अलग-अलग चर्चा कर खराब भूमिका वाले मंत्रियों की पहचान कर चुके हैं।
दावा किया जा रहा है कि नए मंत्रियों को मंगलवार या एक-दो दिन के भीतर शपथ दिलाई जा सकती है।
इसलिए जरूरी है बदलाव
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी व प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता को हटाने के बाद सरकार मंत्रिमंडल में फेरबदल कर जनमानस में अपने बदले इरादे का ठोस संकेत कर सकती है।
समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने बदायूं में दो नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार व हत्याकांड में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।
सपा सरकार इस घटना की वजह से सवालों में घिरी हुई है। जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने 19 जून से शुरू होने वाले बजट सत्र की तैयारियों को लेकर भी राज्यपाल को जानकारी दी है।
21 जून को वर्ष 2014-15 का पूर्ण बजट पेश किया जा सकता है।