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अतीक की हरकत से अखिलेश नाराज, रिपोर्ट तलब

Tue, 17 Dec 2013 12:29 PM IST
विष्णु मोहन/लखनऊ
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सपा के लोकसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद माफिया अतीक अहमद के दो सौ से अधिक वाहनों पर हथियारबंद समर्थकों के साथ सुल्तानपुर पहुंचने के मामले में एसएसपी से रिपोर्ट तलब की गई है।
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उनसे दो दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अतीक के समर्थकों ने रविवार को जिस तरह पिस्टल, रिवॉल्वर, बंदूक और रायफलों की नुमाइश की, उस पर अभी तक सबने चुप्पी साधी हुई थी।

लेकिन, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नाराजगी का नतीजा है कि घटना के एक दिन बाद आला अफसरों को मामले में जांच के आदेश देने पड़े।

एसएसपी से कहा गया है कि वे वस्तुस्थिति से अवगत कराएं और असलहों के प्रदर्शन, वाहनों के काफिले व अन्य तथ्यों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंपें।
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अफसर बोले- निषेधाज्ञा नहीं लगी थी
समर्थकों के हूजुम और उनके पास हथियारों की मौजूदगी का अफसर यह कहकर बचाव कर रहे हैं कि सुल्तानपुर में निषेधाज्ञा तो नहीं लगी थी।

आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि जब किसी तरह की निषेधाज्ञा नहीं लगी थी, तब अतीक के साथ समर्थकों का हुजूम होने पर कोई अपराध नहीं बनता है।

अतीक का शक्ति प्रदर्शन गलत
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर में सपा के बाहुबली उम्मीदवार अतीक अहमद के असलहों के साथ शक्ति प्रदर्शन को गलत माना है।

अलबत्ता उन्होंने अतीक की उम्मीदवारी की तरफदारी की। बोले, सांप्रदायिक ताकतों को शिकस्त देने के लिए जमीनी लड़ाई में जो दिखेगा, उसे साथ लेने में सपा को कोई गुरेज नहीं है। सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए जिताऊ उम्मीदवार जरूरी है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को खबरनवीसों से कहा कि अतीक अहमद का शक्ति-प्रदर्शन अनुशासन का मामला है और पार्टी इसे देखेगी।

उन्होंने कहा, कानून से ऊपर कोई नहीं है, कानून अपना काम करेगा। हालांकि उन्होंने अतीक की उम्मीदवारी का बचाव किया। कहा, सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए जिताऊ उम्मीदवार जरूरी है।

जमीन पर जो दिखेगा, उसे साथ रखेंगे। लोकसभा चुनाव में सबकी नजर सपा और समाजवादियों पर है। कांग्रेस सांप्रदायिक ताकतों को रोक पाएगी यह बड़ा सवाल है।

इसलिए सपा की जिम्मेदारी है कि उन्हें हर हाल में रोके। इसके लिए जमीन पर मजबूती से लड़ाई लड़नी होगी। सपा अच्छा करे या खराब, अंगुली उठनी ही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, चुनाव में विकास के साथ सांप्रदायिक ताकतों को रोकना भी सपा का मुख्य मुद्दा होगा। विपक्ष को तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है।

हर मामले में कागज लेकर राष्ट्रपति शासन की मांग करने लगते हैं। जनता दिल्ली में गैरकांग्रेसी व गैरभाजपा विकल्प चाहती है। सपा ऐसा विकल्प देने का प्रयास कर रही है।
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