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जिलों पर करोड़ों की बारिश करेंगे अखिलेश!

Mon, 15 Dec 2014 02:17 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे के जिले अगले वित्त वर्ष में अपने यहां विकास के कौन-कौन से काम करना चाहते हैं, सरकार राज्य का वार्षिक बजट बनाने के पहले इसे जान लेना चाहती है। शासन ने 2015-16 के लिए जिलों को राज्य संसाधनों से मिलने वाले बजट का खाका तैयार कर भेज दिया है।
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प्रदेश के 75 जिलों को अगले साल के काम के लिए राज्य संसाधन से 25 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। यह वित्त वर्ष 2014-15 से करीब ढाई गुना है। पिछले कई साल से जिला योजना बनाने में देर होती थी। इससे राज्य विधानमंडल उस पर गौर नहीं कर पाता था।

शासन ने इस बार प्रदेश के वार्षिक बजट को अंतिम रूप देने से पहले जिलों की वार्षिक योजना को मंजूरी दिलाने का कार्यक्रम तय कर दिया है। जिलों को वार्षिक योजना की तैयारी व इसे पास करने की टाइम लाइन पहले ही दे दी गई थी। अब उन्हें शासन से दिया जाने वाला परिव्यय भी बता दिया गया है।
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जिलेवार वार्षिक योजना को अब तेजी से मंजूरी दिलाने की कार्रवाई की जा सकेगी। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला स्तर से विकास से जुड़ी कार्ययोजनाएं मंजूर होने के बाद जिला योजना समिति जिले की वार्षिक कार्ययोजना को अंतिम रूप देती है।

जिलों में इस तरह होगा करोड़ों का वितरण

बताते चलें कि प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2014-15 में राज्य संसाधनों से जिला योजना के लिए 10999.90 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया था। इस बार इसे बढ़ाकर 25 हजार करोड़ कर दिया गया है।

जिलों में इस तरह बढ़ेगा बजट
जिले का नाम--2014-15 में--2015-16 में मिलेगा
लखनऊ--192.13--407.86
रायबरेली--136.79--362.48
हरदोई--242.56--547.94
उन्नाव--186.29--424.28

सीतापुर--240.03--544.99
खीरी--222.53--502.90
फैजाबाद--150.29--343.45
अंबेडकरनगर--122.01--279.83

सुल्तानपुर--124.34--286.03
अमेठी--236.92--482.97
बाराबंकी--167.06--380.02
गोंडा--170.35--387.89
बलरामपुर--123.23--280.03

बहराइच--157.81--360.30
श्रावस्ती--940.70--213.89
(जिलों के आंकड़े करोड़ रुपये में हैं)
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शासन ने तय कर दी टाइमलाइन

मामले पर प्रमुख सचिव नियोजन का कहना है कि जिलों को अपनी वार्षिक योजना तैयार कर जिला योजना समितियों से अनुमोदित कराकर शासन को उपलब्ध कराना है।

शासन ने इसके लिए दिसंबर के अंत तक हर हाल में समितियों से वार्षिक योजना के अनुमोदन की टाइम लाइन तय की है। जिलों को राज्य से प्राप्त होने वाला परिव्यय इसलिए बढ़ा है क्योंकि अब केंद्रांश भी बजट के जरिये ही जिलों को मिलेगा।
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