मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर की सांप्रदायिक हिंसा को राजनीतिक दलों की साजिश करार दिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को कमजोर व अस्थिर करने की यह सोची-समझी साजिश है, लेकिन विपक्षी दल अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे।
सरकार की प्राथमिकता है कि सबसे पहले वहां अमन-चैन कायम किया जाए। इसके लिए काबिल अफसरों की टीम भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री सोमवार को हज यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना करने हज हाउस पहुंचे थे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नौजवान, किसान, गरीब व मजदूरों के हितों के लिए सपा सरकार काम कर रही है।
दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा
यही बात विपक्षियों को हजम नहीं हो रही। इसीलिए समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक माहौल तैयार किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा, प्रधानमंत्री और राज्यपाल से बात कर उन्हें आश्वस्त कर दिया है।
प्रदेश में बहुत जल्द अमन-चैन कायम कर लिया जाएगा। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चार भाजपा विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी चाहे किसी भी दल के क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
महापंचायतों पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान व कानून से ऊपर उठकर जो भी महापंचायतें व खाप पंचायतें आयोजित होती हैं, उन पर रोक लगाई जाएगी। संविधान व कानून से बढ़कर कोई भी नहीं है। बगैर इजाजत इस तरह की पंचायतों पर सरकार रोक लगाएगी।
अमन के लिए मांगें दुआ
मुख्यमंत्री ने हज यात्रियों से कहा कि वे वहां जाकर प्रदेश व देश की खुशहाली के लिए दुआ जरूर मांगें। भाईचारे व अमन के लिए दुआ करें ताकि जाति, धर्म व क्षेत्र का भेदभाव भी मिट सके। मुख्यमंत्री ने हज हाउस की व्यवस्था के लिए संसदीय कार्य व वक्फ मंत्री आजम खां की पीठ भी थपथपाई।