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हैसियत के साथ दुश्मनी भी बढ़ जाती है: अखिलेश

Mon, 06 Oct 2014 10:13 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता काफी समझदार है। तीन महीने में ही उसने परिवर्तन ला दिया। केंद्र सरकार के कामकाज का आकलन तीन महीने में करने के बाद जनता ने यूपी में सपा पर फिर भरोसा जताया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी राजनैतिक हैसियत बढ़ानी होगी। लोकसभा चुनाव में हमारे पास राजनैतिक हैसियत बढ़ाने का अच्छा मौका था, लेकिन हमने गंवा दिया। आगे मौके आएंगे। उसमें हमें चूक नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजनैतिक हैसियत बढ़ती है तो दुश्मनी भी बढ़ जाती है।

अखिलेश यादव राजधानी में ‘सेवा’ संगठन के राष्ट्रीय चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने भाजपा का नाम लिये बगैर कहा कि दूसरी पार्टी प्रचार में काफी तेज है। वह झूठा प्रचार कर छवि खराब करती है। उसी पार्टी के लोग एक तरफ कहते हैं कि गंगा साफ होनी चाहिए। लेकिन जब गंगा में विसर्जन पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन कराते हुए हमारी सरकार रोक लगाती है तो हमारे खिलाफ प्रदर्शन किए जाते हैं।
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इस पार्टी के लोगों ने गंगा को भी सांप्रदायिक नदी बना दिया है। गंगा एक धर्मनिरपेक्ष नदी है। यह बगैर भेदभाव के सभी वर्गों की जीवन दायिनी है।
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लोगों की सोच में बदलाव लाना है मकसद

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में कोई भी पीछे न रहे इसका हमें ध्यान रखना होगा। अच्छी पढ़ाई-लिखाई होगी तो पिछडे़ वर्ग के लोग समाज में तरक्की कर जाएंगे। जहां केंद्र सरकार भारत को दुनिया के सबसे बड़े बाजार के रूप में पेश कर रही है वहीं हम यूपी को देश के सबसे बड़े बाजार में रूप में पेश कर रहे हैं।

हमें लोगों की सोच में बदलाव लाना होगा। हम कितना भी आगे बढ़ जाएं, हमें नीचा ही समझा जाता है। इसके लिए हमें और मेहनत करनी होगी। इस मौके पर प्रमुख सचिव परिवहन कुमार अरविंद सिंह देव, डॉ. राजीव राज सहित कई अन्य उपस्थित थे।

मीडिया पर फिर बरसे
मुख्यमंत्री एक बार फिर मीडिया पर बरसे। बदायूं कांड का सहारा लेते हुए उन्होंने कहा कि इस कांड में मीडिया ने उन्हें व उनकी सरकार को बदनाम किया है। बाद में जब असलियत आई तो झूठे प्रचार के लिए किसी ने भी माफी नहीं मांगी।
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‘चौधरीजी को बुलाया तो नहीं गया

कार्यक्रम के आयोजकों ने मीडिया के प्रवेश पर ही पाबंदी लगा दी। सेवा संगठन के लोगों ने कहा कि यह उनका अपना राष्ट्रीय चिंतन शिविर है। इसमें मीडिया को प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

जबकि इस कार्यक्रम के कवरेज के लिए मुख्यमंत्री के यहां से मैसेज भी भेजा गया था। कार्यक्रम में हद तो तब हो गई जब मुख्यमंत्री के साथ आए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी पर भी आयोजकों ने यह टिप्पणी की कि ‘...कार्यक्रम में चौधरीजी को बुलाया तो नहीं गया था इसके बावजूद वे आए हैं, इसलिए उनका स्वागत है।’
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