पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आंकड़ों की हेराफेरी करके डब्ल्यूएचओ से योगी मॉडल को वाहवाही का तमगा मिल रहा है। सरकार यह बताए कि यूपी के गरीब, ग्रामीण, मजदूर और गाँवों की आबादी कैसे टीकाकरण का लाभ ले पाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आंकड़ों की हेराफेरी करके डब्ल्यूएचओ से योगी मॉडल को वाहवाही का तमगा मिल रहा है। सरकार यह बताए कि यूपी के गरीब, ग्रामीण, मजदूर और गाँवों की आबादी कैसे टीकाकरण का लाभ ले पाएगी।
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अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री को इधर उधर की बात करने की बजाए बताएं कि गरीबों को कब तक वैक्सीन लग जाएगी? ऑक्सीजन, इंजेक्शन और दवाओं के जमाखोरों तथा कालाबाजारियों पर कब लगाम लगेगी? भाजपा सरकार ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन पर ही टीकाकरण की सुविधा दी है। यूपी के गरीब, ग्रामीण, मजदूर और गांव की आबादी कैसे टीकाकरण का लाभ ले पाएंगे।
सरकार यह भी बताए कि सबको सभी सेंटर पर मुफ्त टीका क्यों नहीं उपलब्ध है? सच तो यह है कि जैसे भाजपा सरकार कोरोना की दूसरी लहर के प्रति लापरवाह रही वैसे ही वह वैक्सीनेशन अभियान को हल्के में ले रही है। वह आनलाइन के बहाने प्रदेश की बड़ी आबादी को सुरक्षाचक्र से वंचित रखना चाहती है। वैक्सीनेशन का लाभ सबको मिले इसकी फूललप्रुफ व्यवस्था होनी चाहिए।