एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि विक्रमादित्य मार्ग हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। ऐसे में यहां सात मीटर से अधिक ऊंचाई के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। सात मीटर ऊंचाई में अधिकतम दो मंजिला निर्माण की अनुमति ही मिल पाएगी। हेरिटेज होटल के लिए तो मूल निर्माण से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं होगी।
एनओसी मिली तो पास हो जाएगा नक्शा
यूपी पर्यटन नीति, 2018 के मुताबिक हेरिटेज होटल की अनुमति 1950 से पहले बने भवनों में दी जा सकती है। भवन का आर्किटेक्चर विरासत महत्व का होना चाहिए। भवन में कम से कम पांच कमरे होने चाहिए। हेरिटेज होटल के लिए लैंडयूज बदलने के लिए विकास प्राधिकरण कोई शुल्क चार्ज नहीं करेगा। वहीं आवासीय भवन में लाइब्रेरी या वाचनालय की अनुमति दी जा सकती है। यानी विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिला तो नक्शा पास होना तय है।