मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि डॉक्टरों पर जनता का सबसे ज्यादा भरोसा है। कोई कितनी भी जाति-धर्म की बात कर ले लेकिन डॉक्टर से उसकी जाति पूछकर इलाज नहीं कराता। ऐसे में डॉक्टरों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
सीएम ने डॉक्टरों से अपील की कि वे इलाज के अभाव में मरीजों की जान न जाने दें। वे गरीबों की मदद करेंगे तो सरकार अपना सहयोग मानेगी। उन्होंने लोगों से पोलियो वायरस को फिर से वापस न आने देने का संकल्प लेने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां पोलियो उन्मूलन की उपलब्धि के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने बसपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बसपा शासन काल में पोलियो के मामले बढ़ गए थे।
वहीं, डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि डॉ. नाटा मनाब्दे ने देश के पोलियो उन्मूलन में यूपी की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए मुख्यमंत्री यादव व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल माझी व नितिन अग्रवाल को सम्मानित किया।
मुलायम सिंह को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने अभियान से जुड़े अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने पोलियो उन्मूलन अभियान से जुड़े डॉक्टरों, डब्ल्यूएचओ, यूनीसेफ और कोर के प्रतिनिधियों को बधाई दी। कहा, अब इस बीमारी के वायरस को वापस न आने देने की चुनौती है।
अफगानिस्तान, पाकिस्तान जैसे कई देशों से इस वायरस के आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में हमें संकल्प लेना है कि अब इस बीमारी को वापस नहीं आने देंगे।
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने पोलियो उन्मूलन की उपलब्धि का श्रेय मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली पिछली सपा सरकार व मौजूदा सरकार के प्रयासों को दिया। वह पूर्ववर्ती बसपा सरकार को कोसने से नहीं चूके।
उन्होंने कहा, सभी को पता है कि किस तरह पिछली सरकार में पोलियो के केस बढ़ गए थे। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अरविंद कुमार ने पोलियो उन्मूलन के लिए प्रदेश द्वारा किए प्रयासों व आगामी रणनीति की जानकारी दी। इस वायरस की फिर से वापसी न हो सके इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं।
डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि ने यूपी सरकार को सराहा
डब्ल्यूएचूओ की प्रतिनिधि डॉ. नाटा मनाब्दे ने पोलियो उन्मूलन में प्रदेश सरकार के प्रयासों को सराहा। कहा, प्रदेश ने न सिर्फ पोलियो जैसे खतरनाक वायरस का खात्मा किया बल्कि पूरी जनरेशन को इसके खतरे से मुक्त किया है। यह मौका किसी उत्सव से कम नहीं है।
हजारों जिंदगियों से इस वायरस का खतरा टल चुका है। इसके पहले मनाब्दे ने सीएम से मुलाकात में प्रदेश में खसरा, टीबी, कुष्ठ रोग, कालाजार की स्थिति पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने डब्ल्यूएचओ के पोलियो उन्मूलन में अहम भूमिका की सराहना की और अन्य बीमारियों की रोकथाम में सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
हर साल 25 लाख खर्च करने का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा, कैंसर व हृदय रोग जैसी बीमारियों ने प्रदेश की चुनौती बढ़ा दी है। इनका इलाज बहुत महंगा है। इसीलिए सरकार ने गंभीर बीमारियों के इलाज में गरीब मरीजों की मदद के लिए विधायकों को विधायक निधि से हर साल 25 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान कर दिया है।
डॉक्टरों की मुश्किलों का रखेंगे ध्यान
सीएम ने कहा कि सरकार अस्पतालों में डॉक्टरों की समस्याओं से वाकिफ है। उसके निदान के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। उन्हें पता है कि आबादी के अनुपात में अस्पताल बहुत कम हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों व मरीजों के बैठने की जगह नहीं है।
सालों पहले खरीदी गईं मशीनें आज तक खुली नहीं, क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। नई मशीनें खरीदने से अधिकारी कतराते हैं। इसीलिए अधिकारियों से कहा गया है कि नए अस्पतालों में डॉक्टरों व मरीजों के बैठने का ध्यान रखा जाए। सरकार ने 3000 नए डॉक्टरों की भर्ती की है। एमबीबीएस की 500 सीटें बढ़ाईं। नई मशीनें खरीदने को कहा गया है।
जितने सीटें दी, उतना तो दें कोयला
मुख्यमंत्री ने बिजली संकट के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने जितनी संख्या में उन्हें सांसद दिए हैं कम से कम उन्हें उसी हिसाब से बिजली व कोयला देना चाहिए।
कोयला व बिजली का पूरा हिसाब ट्विटर पर भी देंगे। सीएम ने कहा,यह देश भावनात्मक लोकतंत्र से चलता है। उन्होंने फिर दोहराया कि हम समाजवादी सेकुलर हैं और हमेशा रहेंगे।
इन अधिकारियों का हुआ सम्मान
- अरविंद कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य
- अमित घोष, निदेशक एनएचएम
- डॉ. विजय लक्ष्मी, महानिदेशक परिवार कल्याण
- डॉ. एपी चतुर्वेदी, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी
- डॉ. वेद प्रकाश, महाप्रबंधक आरआई
- डॉ. होर्गे कारावोता, प्रोग्राम मैनेजर यूनीसेफ
- रोटरी अजय सक्सेना, एनसीएम रोटरी इंटरनेशनल
- डॉ. रोमा सोलोमन, राष्ट्रीय प्रतिनिधि कोर
- मंडलों के अपर निदेशक