अखिलेश यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की स्वजातीय टॉर्चर फोर्स (एसटीफ) के जरिये पीडीए का लगातार उत्पीड़न हो रहा है। फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। पुलिस विभाग में पीडीए के लोगों का फील्ड पोस्टिंग नहीं मिलती। अगर इमरजेंसी में छुट्टी मांगते हैं तो छुट्टी भी नहीं मिलती है। सपा सरकार बनने पर प्रदेश में हुए सभी फर्जी मुठभेड़ों की जांच होगी। पीडीए मुख्यमंत्री के स्वजातीयों के निशाने पर है। एसटीएफ में 20 में से 10 लोग मुख्यमंत्री के स्वाजतीय है। बदायूं के 28 साल के राजेश कोरी की पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गई। बदायूं के 22 थानों में से 10 में एसओ स्वजातीय हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि एआई के जरिये उनकी छवि खराब करने के लिए भाजपा की तरफ से वीडियो बनाए जा रहे हैं। यहां तक कि सांसद डिंपल यादव के लिए भी वीडियो बना रहे हैं। सरकार इस तरह बच्चों का खेल न खेलें। हमारे लोग भी वीडियो बना सकते हैं, लेकिन हमने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी के खिलाफ इस तरह का वीडियो नहीं बनाएं। एक वीडियो हमे भी किसी ने बनाकर भेजा है। इस वीडियो को संवाददाताओं को भी दिखाया गया। पूर्व सीएम ने कहा कि एआई का खेल खेलेंगे तो समाजवादी इसमें बहुत आगे हैं। भाजपा सरकार बचपना न दिखाए। अन्यथा हमारी तरफ से भी ऐसे ही वीडियो जाएंगे, फिर लिखाएं एफआईआर।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का मॉडल पैसे बनाने और कमीशनखोरी का है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में डिजाइन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्या इसमें ठेकेदार का कोई दोष नहीं है। मुख्यमंत्री छह माह में एक लाख नौकरी देने का झूठा वादा कर रहे हैं। सरकार के चार महीने भी नहीं बचे हैं। अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और बांदा में बाढ़ को लेकर चिंता जताई। भाजपा सरकार तलवार के नफरत बांटती है। साथ ही कहा कि सपा अपनी सकारात्मक सोच से सत्ता तक पहुंचेगी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पीडीए के हैं, इसलिए भाजपा में उनका अपमान हो रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण को पीडीए बताते हुए कहा कि वहां एक लाख करोड़ खर्च करने के बाद भी विकास कार्य नहीं हुए।