लखनऊ। भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण में आकाशवाणी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आकाशवाणी लखनऊ की 89 वर्षों की यात्रा सांस्कृतिक चेतना, साहित्यिक धरोहर और जनसरोकारों की सशक्त कहानी है। ये बातें बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित आकाशवाणी के 89वें स्थापना दिवस समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने समय के साथ न सिर्फ तकनीकी रूप से खुद को मजबूत किया है, बल्कि समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाए रखी है। कार्यक्रम का शुभारंभ भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलाकारों की ओर से राष्ट्रीय गीत प्रस्तुति और राष्ट्रगान से हुआ। प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि आकाशवाणी बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के मूल मंत्र पर चलते हुए सभी वर्गों के लिए कार्यक्रमों का प्रसारण करता है। आकाशवाणी लखनऊ के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र भी दिखाया गया। आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन ने सभी अतिथियों, श्रोताओं और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
इन 20 विभूतियों को किया गया सम्मानित
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित विभूतियों के साथ ही आकाशवाणी लखनऊ से जुड़े वरिष्ठ प्रसारकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।
पद्मश्री से सम्मानित विभूतियों में डॉ. विद्या विंदु सिंह, हृदय नारायण दीक्षित, डॉ. मंसूर हसन, प्रो. सोनिया नित्यानंद, मालिनी अवस्थी, अरुणिमा सिन्हा, डॉ. राधा कृष्ण धीमन, डॉ. अनिल रस्तोगी, राम सरन वर्मा और डॉ. सुनील प्रधान शामिल रहे।
वहीं आकाशवाणी लखनऊ के वरिष्ठ प्रसारकों में शामिल यज्ञदेव पंडित, गुलाब चंद, सुशील रॉबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, हरीश सनवाल, भोलानाथ और केवल कुमार को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
गजलों और रागरंग से संगीत में डूबी शाम
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शेख मोहम्मद इब्राहिम और उनके साथियों ने ''राग रंग'' के माध्यम से शास्त्रीय और आधुनिक संगीत का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। डॉ. हरिओम की गजलों ने शाम को भावपूर्ण बना दिया, जबकि संजोली पांडे ने अवधी लोक संगीत की मिठास बिखेरी। वाराणसी और मथुरा के कलाकारों ने भोजपुरी और ब्रज लोक कला की शानदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सुशील कुमार राय ने किया, जबकि संचालन आत्म प्रकाश मिश्रा, सुरेंद्र राजेश्वरी और नंदनी मिश्रा ने किया।