लखनऊ। अजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर गिरधारी उर्फ डॉक्टर से रिमांड के दूसरे दिन भी पूछताछ की गई। इस दौरान उसने वारदात में प्रयुक्त मोबाइल अलकनंदा अपार्टमेंट से अंकुर के किराए के फ्लैट से मोबाइल पुलिस को बरामद कराए। गिरधारी के मोबाइल में फरार शूटरों के मोबाइल नंबर भी मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
कठौता चौराहे पर 6 जनवरी की रात को छह शूटरों ने मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आजमगढ़ के कुंटू सिंह व अखंड सिंह के अलावा गिरधारी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सबसे पहले तीन मददगारों को दबोचा। इसके बाद शूटर संदीप सिंह बाबा को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। वहीं कुंटू सिंह व अखंड सिंह की भी पुलिस ने रिमांड ली जिसमें कई राज सामने आए। पुलिस ने 16 फरवरी तक की रिमांड सीजेएम कोर्ट से ली है। रिमांड के दूसरे दिन रविवार को उससे पूछताछ की गई। इस दौरान शूटरों के संबंध में कई सवाल किए गए।
अंकुर ने किराए पर लिया था फ्लैट
पूछताछ में गिरधारी ने बताया कि वाराणसी पुलिस ने जब उस पर हत्या के मामले में एक लाख रुपये इनाम घोषित किया तो वह लखनऊ आ गया। वह अलकनंदा अपार्टमेंट में अंकुर के फ्लैट को जुलाई 2020 से किराए पर अपने नाम से ले लिया था। यहीं पर रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने लगा। यह बात कस्टडी रिमांड के दौरान भदोही के शूटर संदीप सिंह बाबा ने भी कुबूल की थी। यहीं रहने केदौरान ही कुंटू ने उसे अजीत की हत्या की सुपारी दी थी। इसके लिए वह आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू से मिलने भी गया था।
एक मोबाइल से सिर्फ पांच कॉल कीं
पुलिस के मुताबिक, गिरधारी के एक मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी मिली है जिससे सिर्फ पांच नंबरों पर कॉल किया गया। वह भी पांच बार ही। इसमें से एक कॉल के बारे में बताया जा रहा है कि पूर्वांचल के बाहुबली का नंबर है। हालांकि पुलिस इस संबंध में खुलकर नहीं बोल रही है। रविवार को उसने डीसीपी संजीव सुमन, विवेचक चन्द्रशेखर सिंह, एडीसीपी सैयद मो. कासिम आबिदी व कई अन्य पुलिस अधिकारियों के सामने कई अहम बात पर कुबूलनामा भी किया। पूछताछ में गिरधारी ने बताया कि लखनऊ में वारदात को अंजाम देने के बाद वह दिल्ली भाग गया। वहां पूर्वांचल के बाहुबली के संपर्क में था। गिरधारी के मुताबिक, उसे बताया गया था कि वह मॉल पहुंचे। कुछ देर में पुलिस भी पहुंच जाएगी। उसे गिरफ्तार कर लेगी। जब वह मॉल पहुंचा तो वहां कुछ देर बाद पुलिस पहुंची और उसे पकड़ लिया। इसके बाद तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
वाराणसी पुलिस ने भी की पूछताछ
रविवार को विभूतिखंड थाने पहुंची वाराणसी पुलिस ने नितेश हत्याकांड से संबंधित सवाल किए। इस मामले में गिरधारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। गिरधारी की गिरफ्तारी के बाद वाराणसी पुलिस दिल्ली गई थी लेकिन उसे रिमांड नहीं मिल सकी थी। उसे वाराणसी कोर्ट में पेश भी नहीं किया गया था। वहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उसने तारीख ले ली। लखनऊ पुलिस को रिमांड मिलने के बाद वाराणसी की पुलिस रविवार दोपहर पहुंची। देर शाम तक उससे पूछताछ जारी रहा। गिरधारी की रिमांड 13 फरवरी से 16 फरवरी 11 बजे सुबह तक मिली है। अभी पुलिस के पास सोमवार का दिन पूछताछ के लिए है।