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अजीत सिंह हत्याकांड : पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में जौनपुर में दबिश

Sun, 21 Feb 2021 11:51 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अजीत सिंह व पूर्व सांसद धनंजय सिंह। - फोटो : amar ujala
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अजीत सिंह की हत्या में आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश तेज हो गई है। लखनऊ पुलिस ने रविवार को उनके जौनपुर स्थित आवास पर दबिश दी। लेकिन वे वहां नहीं मिले। पुलिस ने उनके करीबियों से पूछताछ की। उधर, लखनऊ में पूर्व सांसद के करीबियों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। राजधानी के शारदा व सरस्वती अपार्टमेंट में भी पुलिस ने दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली।
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लखनऊ पुलिस रविवार सुबह जौनपुर पहुंच गई। पूर्व सांसद के जौनपुर के सिकरारा के वनसफा स्थित घर गई। वहां दबिश केदौरान नहीं पूर्व सांसद नहीं मिले। इसके बाद पुलिस टीम उनके प्रतिनिधि के घर पहुंची। लेकिन वहां भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस ने जौनपुर के कई करीबियों के मोबाइल नंबर हासिल किए जिन्हें सर्विलांस पर लगा दिया गया है। वहीं उनके करीबियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक अगर वह नहीं मिलेंगे तो उनकी संपत्ति कुर्क करने की अर्जी दी जाएगी। जौनपुर में कोई सुराग हाथ नहीं लगा तो लखनऊ के  गोमतीनगर विस्तार शारदा अपार्टमेंट के ओ ब्लॉक और गुडंबा के इडेन एन्क्लेव निकट साडियाना मैरिज हॉल कुर्सी रोड पर स्थित आवास पर भी दबिश दी गई। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके अलावा पुलिस ने सरस्वती अपार्टमेंट में भी गई थी।

पत्नी के साथ नौकरानी की हत्या के हैं आरोपी
पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ दिल्ली में 2013 में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उनकी पत्नी जागृति भी आरोपी थी। दोनों पर नौकरानी की पीटकर हत्या करने का आरोप लगा था। दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मामले में दोनों के खिलाफ साक्ष्य मिले थे। इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। जल्द ही इस मामले में निर्णय भी आने वाला है। पुलिस को आशंका है कि गैरजमानती वारंट जारी होने केसाथ ही पूर्व सांसद अंडरग्राउंड हो गये हैं।
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम अजीत सिंह की हत्या में सामने आ गया। उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो गया। लेकिन खुद को बचाने के लिए पूर्व संासद ने कई पैतरे अपनाएं। लेकिन उनका हर दांव फेल हो गया। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर की मॉनिटरिंग में हो रही अजीत हत्याकांड की विवेचना में एक-एक साक्ष्य जुटाए गये। दो शूटरों संदीप सिंह बाबा व गिरधारी उर्फ डॉक्टर, मुख्य आरोपियों कुंटू व अखंड से पूछताछ की गई। वहीं सुल्तानपुर के डॉक्टर एके सिंह का बयान, फिर अजीत की पत्नी का बयान लिया गया। इसमें से चार ने पूर्व सांसद के शामिल होने व पूरे हत्याकांड के बारे में जानकारी होने की बात कुबूल की। इसके अलावा गिरधारी ने जो मोबाइल बरामद कराया। उसमें सिर्फ पांच नंबर थे। एक पूर्व सांसद का बताया जा रहा है। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूर्व सांसद के सभी पैतरेंबाजी को दरकिनार कर साजिश रचने का आरोपी बनाया। इसी आधार पर वारंट भी हासिल कर लिया। इस वारंट के खिलाफ पूर्व सांसद के सहयोगी व करीबी हाईकोर्ट में जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं पुलिस को इस बात का भी डर सता रहा है कि पूर्व सांसद कहीं कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी न दें।

इनकी हो रही तलाश
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक अजीत हत्याकांड में पुलिस शूटरों की तलाश कर रही है। जिसमें शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर, राजेश तोमर उर्फ जय, बंटी उर्फ मुस्तफा, रवि यादव शामिल हैं। पुलिस इनके करीबियों की कुंडली खंगाल रही है। वहीं इसके अलावा कई अन्य ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जो इस हत्याकांड में शामिल रहे हैं। पुलिस ने अभी तक प्रिंस व रेहान सहित तीन मददगार, शूटर संदीप सिंह बाबा को गिरफ्तार किया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने गिरधारी को गिरफ्तार किया। वहीं मुख्य आरोपी कुंटू सिंह व अखंड सिंह पहले से जेल में बंद हैं। वहीं एक आरोपी बंधन सिंह ने  आजमगढ़ कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।
 
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