वाराणसी के शहर उत्तरी से विधायक और प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल का कहना है कि मौजूदा सरकार ने राजनीति के बजाय सिर्फ विकास किया। इसलिए विपक्ष को यह खटक रहा है। मोदी व योगी सरकार के विकास अभियान से विपक्ष को मुद्दा नहीं मिल रहा है। इसलिए उसे विकास नहीं दिख रहा है। ऐसे में विपक्ष को अपना चश्मा बदलना चाहिए। वह पूर्वांचल के पिछड़ेपन के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हैं। पेश है रवींद्र जायसवाल से बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल - वाराणसी के विकास पर सवाल उठ रहे हैं?
जवाब - सवाल वही लोग उठा रहे हैं, जिनकी सरकारों ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी पूर्वांचल की उपेक्षा की है। जबकि पूर्वांचल को लोग एक अघोषित राज्य के तौर पर मानते हैं। पूर्वांचल के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के लोगों के लिए चिकित्सा और शिक्षा का केंद्र होने के बाद भी पूर्व की सरकारों ने इस दिशा में काम नहीं किया। पहली बार किसी सरकार ने सिर्फ वाराणसी ही नहीं, पूरे पूर्वांचल के विकास पर फोकस किया है। वाराणसी को जाम से निजात दिलाने के लिए शहर के बाहरी इलाकों में रिंग रोड का निर्माण हो रहा है। वाराणसी-जौनपुर-सुल्तानपुर, वाराणसी-आजमगढ़, वाराणसी-मिर्जापुर होते हुए रीवा, वाराणसी-भदोही, वाराणसी-प्रयागराज और वाराणसी-गाजीपुर के बीच 4 व 6 लेन की सड़कें बनाई जा रही हैं। इससे पूर्वांचल के विकास को गति मिली। साथ ही लोगों के लिए रोजगार से अवसर पैदा हुए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास की वजह से ही पिछले 5-7 वर्षों के दौरान वाराणसी समेत अन्य जिलों में सड़क शिक्षा, चिकित्सा और अवस्थापना सुविधाओं पर काम शुरू किया गया है।
सवाल - काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर से पुरातन स्वरूप को नुकसान होने के सवाल उठ रहे हैं?
जवाब - कॉरिडोर से पुरातन स्वरूप को नुकसान नहीं हुआ, बल्कि कॉरिडोर बनने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 1916 में वाराणसी आए महात्मा गांधी विश्वनाथ मंदिर और संकीर्ण गलियों में गंदगी देखकर विचलित हो गए थे और चिंता जताई थी। संकरी गलियों की वजह से बहुत से लोग विश्वनाथ मंदिर जाने से कतराते थे। तत्कालीन सरकार ने गांधी जी की चिंता को नहीं समझा। लेकिन मोदी सरकार ने गांधी जी की चिंता पर गौर करते हुए कॉरिडोर का निर्माण कराया है। सरकार की इस पहल से जहां काशी के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है, वहीं यहां के लोगों के कारोबार में इजाफा हुआ है।
सवाल - पांच साल में कौन से ऐसे काम हुए हैं, जो सरकार की उपलब्धि है?
जवाब - काशी हिंदू विश्वविद्यालय पूरे पूर्वांचल के अलावा बिहार, झारखंड और सीमावर्ती अन्य प्रदेश के लोगों के लिए चिकित्सा व शिक्षा के लिए बड़ा केंद्र है। मोदी सरकार ने चिकित्सा सुविधा बढ़ाने के लिए जहां बीएचयू अस्पताल को एम्स का दर्जा दिया, वहीं बीएचयू को आईआईटी का दर्जा दिया गया। कैंसर के मरीजों को होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए भी सरकार ने उल्लेखनीय पहल किया है। मुंबई के टाटा कैंसर संस्थान के साथ मिलकर वाराणसी में स्थित रेलवे कैंसर संस्थान के अलावा बीएचयू कैंपस में भी कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है। हल्दिया-प्रयागराज से बीच जलपोत चलाने की योजना पर लगातार काम चल रहा है। वाराणसी के रामनगर के पास जहां बंदरगाह बन रहा है, वहां की जमीन लेने को लेकर कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।