सीओ कैंट बीनू सिंह को धमकी मामले में महिला कल्याण राज्यमंत्री स्वाति सिंह का पक्ष जानने के लिए शनिवार को उनके आवास पर मीडिया का जमावड़ा लग गया। अपने आवास पर मीडिया को देख स्वाति का पारा चढ़ गया। सवालों से बचने के लिए घर के अंदर चली गईं।
इस दौरान वहां मौजूद स्वाति सिंह के समर्थकों और स्टाफ ने मीडिया से बदसलूकी की। मीडियाकर्मियों को धक्का-मुक्की करके आवास से बाहर कर दिया गया। फिलहाल स्वाति सिंह ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।
वायरल ऑडियो की करा रहे : डीजीपी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने इस मामले में लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसे सीएम को सौंपा जाएगा। सवालों के जवाब में डीजीपी ने कहा कि देखा जा रहा है कि वायरल ऑडियो की जांच करा रहे हैं।
इसकी पृष्ठभूमि क्या है? ऑडियो कैसे लीक हुआ। रिपोर्ट आने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा फिर देखेंगे कौन सी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने माना कि इस मामले में एक एफआईआर दर्ज हुई है लेकिन और ज्यादा जानकारी होने से इनकार किया।
ये है मामला
शुक्रवार को एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें स्वाति सिंह अंसल ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले में सीओ कैंट को फोन पर कथित तौर पर धमकी देते सुनाई दे रही हैं। इस ऑडियो में स्वाति सिंह सीधे तौर पर सीओ को एफआईआर खत्म करने की हिदायत देती हुई सुनाई दे रही हैं।
वायरल ऑडियो में स्वाति सिंह सीओ पर बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की वजह से गुस्से में थीं। ऑडियो में वह मामले की बात आगे तक नहीं जाने और बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का दबाव बना रही हैं। इतना ही नहीं वह यह कहते भी सुनाई दे रही हैं कि ऐसा ऊपर से आदेश है कि कोई एफआईआर अभी नहीं लिखा जाएगा।
वहीं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार के मंत्री अब कानून के रखवालों को ही धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले घोटालेबाज अंसल बिल्डर को जिस तरह से बचाने के लिए मंत्री स्वाति सिंह ने एक सीओ के साथ अभद्रता की, उसे लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
लल्लू ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में कई बिल्डर मकान खरीदने वालों की गाढ़ी कमाई डकार गए हैं। नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ में प्रशासन और सरकार की मिलीभगत से बिल्डर्स ने खरीदारों से पैसे तो ले लिए पर मकान का कहीं अता-पता नहीं है। अगर सीएम योगी ने उन्हें तत्काल बर्खास्त नहीं किया तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।