गोमतीनगर के विपुलखंड छह में बृहस्पतिवार रात नेपाली युवक का शिकार बने 25 वर्षीय मजदूर अजय कुमार की मौत ने लखनऊ से कुशीनगर तक को हिला दिया।
अजय की पत्नी रंभा आठ महीने की गर्भवती है और पिता हरि प्रसाद अस्पताल में मृत्यु शैय्या पर पड़े हैं। दोनों से ही उसकी मौत की खबर छिपाए रखी गई।
करवाचौथ से एक दिन पहले शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव कुशीनगर के लक्ष्मीगंज पगार सिसवा स्थित गांव पहुंचा तो वह गश खाकर गिर पड़ी। पिता को अब भी बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।
गोमतीनगर इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि अजय का शव उसके बड़े भाई बाल कुमार को सौंपा गया। वह शव लेकर गृह जनपद रवाना हो गए।
इस बीच ठेकेदार महेश ने शव ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कराने के साथ ही बाल कुमार को क्रियाकर्म के लिए 10 हजार रुपये भी दिए। ठेकेदार ने बाल कुमार का खाता नंबर लेकर उसे आर्थिक मदद करने का आश्वासन दिया है।
बाल कुमार ने बताया कि अजय की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती थी। डॉक्टरों ने किसी भी दिन डिलीवरी होने की बात कही है इसलिए उसे पति की मौत के बारे में नहीं बताया गया।
हालांकि, शनिवार शाम जब अजय का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। पत्नी बेहोश होकर गिर पड़ी। परिवारीजनों ने उसे संभाला। बकौल बाल कुमार, पिता की भी हालत खराब है।
उनके दोनों गुर्दे फेल हो चुके हैं। वह गोरखपुर के अस्पताल में भर्ती हैं जहां डॉक्टर जवाब दे चुके हैं। उन्हें भी अजय की मौत के बारे में खबर नहीं दी गई।
पोस्टमार्टम हाउस पर अजय के परिवारीजन और गांव में लोगों ने आरोपी नेपाल निवासी पदम बहादुर थापा को जमकर कोसा। परिवारीजनों का कहना था कि अजय अपने घर का कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को सदमे में कर दिया है।