अमैासी एयरपोर्ट का मामला
प्रशासन की ओर से 2023 में बनाई गई थी कमेटी, नहीं हुई कार्रवाई
लखनऊ। अमैासी एयरपोर्ट पर पशु-पक्षियों की वजह से विमानों का संचालन गड़बड़ा रहा है। इससे हादसों की आशंका बढ़ रही है। खास बात यह है कि वर्ष 2023 में इससे निपटने के लिए प्रशासन की ओर से कमेटी बनाई गई थी, लेकिन इसके नतीजे सिफर रहे।
हाल ही में लखनऊ से रायपुर जाने वाली उड़ान रनवे से टेकऑफ करने को थी, इसी बीच रनवे पर बंदर के आ जाने से इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। विमान झटके से रुक गया। यात्रियों की सांसें अटक गईं। इससे विमान देरी का शिकार हो गया। अमैासी एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन कभी पक्षियों, कभी बंदरों तो कभी कुत्तों की वजह से बाधित होता है। इससे पूर्व रनवे के पास कुत्ते के घुस आने से भी विमानों का संचालन प्रभावित हुआ था। चूंकि एयरपोर्ट प्रशासन निजी हाथों में है, इसलिए पशु-पक्षियों की वजह से विमानों का संचालन गड़बड़ाने पर नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2023 में जिला प्रशासन की ओर से विमानों की आवाजाही बेहतर बनाए रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने एयरपोर्ट के आसपास से मांस की दुकानों को हटवाने के लिए कहा, जिस पर कुछ कार्रवाई भी हुई। लेकिन इसके बाद कमेटी सुस्त हो गई। मांस की दुकानें भी चल रही हैं। अब रनवे पर बंदरों के आने से समस्याएं और बढ़ गई हैं।
पर्यावास, खानपान का है संकट
पर्यावरण विशेषज्ञ बताते हैं कि बंदरों के लिए पर्यावास का संकट खड़ा हो गया है। यही वजह है कि लखनऊ ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी बंदर शहरों के अंदर आ रहे हैं। इससे नागरिकों को दिक्कतें हो रही हैं। बंदरों के लिए खाने का संकट भी बढ़ा है। लिहाजा सरकार को इस ओर भी ध्यान देना होगा।
रनवे की निगरानी बढ़ी
इतना ही नहीं एयरपोर्ट से जुड़े सूत्र बताते हैं कि रनवे की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। खासतैार पर शाम के बाद रनवे पर विशेष नजर रखी जा रही है। रनवे पर किसी भी प्रकार की बाधा होने से विमान हादसे का शिकार हो सकते हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।