हवाई खतरों के खिलाफ जवानों की क्षमता और आपसी तालमेल होगा
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट को ड्रोन हमलों से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को वायुसेना ने सीआईएसएफ जवानों को प्रशिक्षण दिया। वायुसेना अधिकारियों ने हमले के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया और लाइव डेमो भी दिया।
एयरपोर्ट पर वायुसेना और सीआईएसएफ ने विशेष ‘ड्रोन जागरूकता एवं रेस्पॉन्स’ सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए ‘सब-कन्वेंशनल’ हवाई खतरों के खिलाफ जवानों की क्षमता और आपसी तालमेल को मजबूत बनाना रहा। मेमौरा वायुसेना स्टेशन से आए फ्लाइंग ऑफिसर आरए वैद्य ने सीआईएसएफ के अधिकारियों एवं जवानों को ड्रोन के संचालन, उसके उपयोगों, हमले की स्थिति में बचाव और 'एंटी-ड्रोन' तकनीकों के बारे में जानकारी दी। सत्र के दौरान अत्याधुनिक काउंटर-ड्रोन सिस्टम पर चर्चा हुई, जो वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में किसी भी संदिग्ध ड्रोन को हवा में ही नाकाम करने में सक्षम हैं। सीआईएसएफ के वरिष्ठ कमांडेंट अनूप कुमार ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से जवानों की तकनीकी समझ बढ़ती है। साथ ही संकट की स्थिति में एजेंसियों के बीच समन्वय भी सुनिश्चित होता है। लखनऊ एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठान की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। इस अवसर पर प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन उड़ाने का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। छोटे ड्रोन सुरक्षा घेरे में सेंध लगा सकते हैं,यह बताया गया। तकनीक के जरिए उन्हें कैसे ट्रैक और न्यूट्रलाइज किया जा सकता है, यह भी समझाया।