रायबरेली। राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र के लोगों के जिले से ही हवाई यात्रा का सपना जल्द ही पूरा होगा। इसके लिए इकछनिया में अंग्रेजों के समय बनी हवाई पट्टी को विकसित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी कानपुर हवाई अड्डे को सौंपी गई है। यह सब होगा उड़ान योजना के इंटरसिटी हवाई सेवा के तहत।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने जिला प्रशासन से जमीन व आसपास मौजूद आबादी की जानकारी मांगी है। ऐसे में आने वाले समय में दिल्ली, लखनऊ व वाराणसी के साथ ही अन्य जिलों से सीधी 20 शीटर प्लेन से हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। कानपुर हवाई अड्डा के निदेशक संजय कुमार ने छह नवंबर 2024 को डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण निगमित मुख्यालय नई दिल्ली से प्राप्त दिशानिर्देश के तहत जगतपुर (इकछनिया) हवाई पट्टी को विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया है।
ऐसे में हवाई पट्टी से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह सूचना समय से नागरिक उड्डयन मंत्रालय नई दिल्ली को भेजी जा सके। रायबरेली से करीब 15 किमी दूर सदर तहसील क्षेत्र के इकछनिया गांव में 1930 में अंग्रेजों ने हवाई पट्टी बनाई थी। मौजूदा समय में वह वीरान पड़ी है। ग्रामीण वहां जानवर चराते हैं। कुछ लोगों ने तो हवाई पट्टी की जमीन पर कब्जा भी कर लिया है। अब उसी हवाई पट्टी को विकसित करने की तैयारी है।
यह सूचना मांगी
-हवाई पट्टी के नाम कितनी जमीन है।
-आसपास कौन-कौन से गांव हैं।
-वहां की आबादी कितनी है।
-हवाई पट्टी की मौजूदा स्थिति कैसी है।
-हवाई पट्टी को लेकर कोई विवाद तो नहीं है।
करीब 500 बीघे में बनी है हवाई पट्टी
इकछनिया (जगतपुर) में अंग्रेजों ने करीब 500 बीघे में हवाई पट्टी बनाई थी। लेकिन समय के साथ ही हवाई पट्टी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया। इस ओर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के तहत इसे विकसित करने की तैयारी शुरू की है।
हवाई पट्टी के आसपास के गांव
इकछनिया, कंचौदा, सरायं मो. शरीफ, नवाबगंज, ओनी कमान, सान्हूं कुआं, भांव, जमालपुर नानकारी, ओनी कोपा गांव हवाई पट्टी के आसपास हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार छह माह में सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हवाई पट्टी का विकास कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके लिए किसानों की जमीन अधिगृहीत करके उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा।
हवाई पट्टी से संबंधित जो सूचना मांगी गई थी, उसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण निगमित मुख्यालय नई दिल्ली को भेज दिया गया है।
प्रज्ञा द्विवेदी, तहसीलदार सदर