लखनऊ। राजधानी की जर्जर और बीमार बिजली व्यवस्था का वर्ष 2031 तक इलाज करने की विशेष पहल शुरू हो चुकी है। शहर से गांव तक बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इस दौरान लगभग 2200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम, गोमतीनगर जोन में सुधार से जुड़े प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। हालांकि, अभी प्रस्तावों अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ऐसे में कार्य की लागत 10 से 20 फीसदी कम या ज्यादा भी हो सकती है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक तकनीकी व कमेटी के अध्यक्ष हरीश बंसल ने सोमवार को सुधार कार्य से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की। कमेटी के सदस्य व लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि नए उपकेंद्र निर्माण, 11 एवं 33 केवी लाइन बिछाने, नए ट्रांसफार्मर लगाने सहित अन्य सुधार कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर 15 जुलाई तक अपर मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. आशीष कुमार गोयल को सौंप दिए जाएंगे।
सात नए उपकेंद्रों से पुराने शहर में सुधारेंगे बिजली
नए प्रस्तावों में पुराने शहर में 33 केवी के सात नए उपकेंद्र बनाने की योजना है। इससे करीब पांच लाख की आबादी की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा। ये उपकेंद्र 35 हजार नए उपभोक्ताओं का लोड सहन कर सकेंगे। मुख्य अभियंता रवि ने बताया कि इन 33 केवी उपकेंद्रों में दो तालकटोरा पावर हाउस, एक-एक ऐशबाग पावर हाउस, राजेंद्रनगर कूड़ाघर के निकट, न्यू बालागंज, मल्लपुर व अर्जुनगंज प्रस्तावित हैं। इसके अलावा हरिहरपुर, अर्जुनगंज, यूपीआईएल, अपट्रॉन, हनुमान सेतु, आरडीएसओ, ऐशबाग, विधान सभा मार्ग, बालाघाट से पांच एमवीए ट्रांसफार्मर हटाकर 10 एमवीए के लगाए जाएंगे।
प्रत्येक उपकेंद्र को दो ट्रांसमिशन केंद्र से आपूर्ति
जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव का निर्देश 33 केवी बिजलीघरों में कम से कम दो ट्रांसमिशन उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की सुविधा के लिए अतिरिक्त लाइन बनाई जाए, जिससे एक तरफ से आपूर्ति बंद होते ही चंद समय में दूसरी तरफ से चालू हो जाए। उपकेंद्र के सिस्टम को स्काडा के तहत रिमोट से संचालित किया जाए। अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने बताया कि मोहनलालगंज में 132 ट्रांसमिशन उपकेंद्र बनने से फॉल्ट की संख्या कम होगी। यहां हर वर्ष उपभोक्ताओं की संख्या और 10 फीसदी तक विद्युत लोड बढ़ रहा है।
प्रमुख कार्यों के प्रस्ताव
-तालकटोरा पावर हाउस में एक 132 केवी ट्रांसमिशन व दो नए 33/11 केवी उपकेंद्र का निर्माण।
-11 उपकेंद्रों में पांच एमवीए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 10 एमवीए करना।
-मोहनलालगंज ओल्ड 33 केवी उपकेंद्र परिसर में 132 केवी का नया ट्रांसमिशन उपकेंद्र।
-सीतापुर सड़क और महानगर-अलीगंज क्षेत्र के बीच में 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र।
-पपनामऊ गोमतीनगर विस्तार में खुर्रमनगर क्षेत्र में 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र।
सुधार कार्य से जुड़े प्रस्ताव एवं लागत
जोन लागत नए उपकेंद्र
अमौसी 500 8
लखनऊ मध्य 550 7
गोमतीनगर 530 6
जानकीपुरम 620 4
नोट : लागत करोड़ रुपये में और नए उपकेंद्रों की क्षमता 33/11 केवी।
राजधानी की बिजली व्यवस्था को चाकचौबंद करना राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सात सदस्यीय कमेटी इसकी रोज समीक्षा कर रही है। करीब 2200 करोड़ रुपये से सुधार कार्य की तैयारी है। इस योजना में नए बिजलीघर बनेंगे जिससे जनता को राहत मिलेगी।
-हरीश बंसल, निदेशक तकनीकी, मध्यांचल निगम