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Lucknow News: एआई से दलाल ने बनाया लर्नर लाइसेंस, टेस्ट भी करवाया पास

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एआई से बनाया लर्नर लाइसेंस
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देवा रोड एआरटीओ का मामला
वाटरमार्क से उजागर हुआ मामला, होगी एफआईआर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) का इस्तेमाल कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले दलाल ने आवेदक का फॉर्म भरवाया। टेस्ट पास करवाया और लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस लगभग बनवा दिया। लेकिन एआई वीडियो पर वेबसाइट का वाटरमार्क हटाना भूल गया, जिससे मामला पकड़ में आया। परिवहन आयुक्त ने दलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

मामला परिवहन विभाग के देवा रोड स्थित एआरटीओ का है। दरअसल, परिवहन विभाग की फेसलेस सेवाओं में लगातार धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन व्यवस्था में सेंधमारी से अनर्गल डीएल बन रहे हैं। आवेदक संतोष वर्मा ने एआरटीओ देवा रोड कार्यालय पर लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया। उन्होंने दलाल से सम्पर्क किया। दलाल ने संतोष से आधारकार्ड के साथ पासपोर्ट साइज फोटो लिया। उसने आधारकार्ड की फोटो से एआई वेबसाइट पर जाकर एक वीडियो बनाया। इस वीडियो का इस्तेमाल आवेदन के बाद दलाल ने टेस्ट के दौरान किया। उसका आवेदन नंबर 2824300025 रहा। चूंकि, टेस्ट में पलकें झपकाना, सिर हिलाना आदि होने पर गड़बड़ी मानी जाती है। जब अधिकारियों ने ऐसा पाया तो उन्हें आवेदक के टेस्ट के दौरान मौजूद नहीं होने का शक हुआ। इससे मामला उजागर हुआ। एआरटीओ हिमांशु जैन ने बताया कि आवेदक टेस्ट में नहीं था। उसके वीडियो का इस्तेमाल टेस्ट में किया गया था। इतना ही नहीं एआई से बने वीडियो में वाटरमार्क भी था। जब उसको जांचा गया तो एआई वेबसाइट की जानकारी मिली। इसके बाद आवेदन को होल्ड कर जांच की जा रही है। परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहाकि ऑनलाइन लर्नर लाइसेंस व्यवस्था की खामियों को खत्म करना जरूरी है। एआरटीओ देवा रोड में एआई के जरिए लर्नर डीएल के मामले में एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। साइबर कैफे के दलाल सहित आवेदक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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...और गड़बड़ियों पर भी होगी कार्रवाई
हाल ही में फतेहपुर में लर्नर लाइसेंस बनवाने वाले आवेदक का नाम फ्रॉड सेल कर दिया गया, उसके पिता का नाम भी गड़बड़ कर दिया, ऐसे अन्य मामलों में भी मुकदमे होंगे। फेसलेस के तहत बने लर्निंग लाइसेंस में धोखाधड़ी न हो, इसके तकनीकी सुधार के लिए एनआईसी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय(मॉर्थ) को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
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आधिकारिक वर्जन
एआरटीओ को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। मामला गंभीर है। लर्नर लाइसेंस तत्काल निरस्त होंगे। साइबर कैफे व आवेदक के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। साथ ही घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सारथी सॉफ्टवेयर में आवश्यक सुरक्षा और तकनीकी सुधार के लिए पत्र लिखा है।
-बीएन सिंह, परिवहन आयुक्त
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