लखनऊ। गोमतीनगर के एक होटल में बुधवार को ‘यूपी एजुकेटर कैटलिस्ट- बिल्डिंग एआई रेडी क्लासरूम’ कार्यक्रम का आोयजन हुआ। इसमें समग्र शिक्षा (माध्यमिक शिक्षा) के अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने कहा कि एआई शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी होना चाहिए। अनुदीप फाउंडेशन की ओर से माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट इंडिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों के 52 हजार से अधिक शिक्षकों व फैकल्टी सदस्यों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
फाउंडेशन की सीईओ मोनिशा बनर्जी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत तीन प्रमुख स्तरों पर काम होगा जिसमें शिक्षकों में एआई विशेषज्ञता विकसित करना, संस्थानों में एआई अपनाने में मदद करना और मास्टर ट्रेनर्स के जरिये इसका विस्तार करना शामिल है। गोरखपुर और प्रयागराज के एक्सपर्ट शिक्षकों को एआई विशेषज्ञता के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपूर्व सेठ और तन्मय मुखर्जी मौजूद रहे।