एआई हेल्थ केयर की सबसे बड़ी विशेषता सटीकता और जांच में लगने वाले समय की बचत है। एक बार सिस्टम बन जाने के बाद इसकी लागत भी कम आएगी। जांच के बाद चिकित्सा संबंधी निर्णय लेने में भी एआई मददगार होगा। उदाहरण के तौर पर किसी सर्जरी का क्या परिणाम होगा या फिर कौन सी दवाई मरीज पर ज्यादा असर करेगी, एआई के इस्तेमाल से इसका आकलन किया जा सकता है। समय के साथ ही एआई खुद को और सक्षम बनाता रहेगा।
चार चरण में होगा काम
- पहला वर्ष: पायलट प्रोजेक्ट और शासन से मंजूरी
- दूसरा वर्ष सत्यापन और विशेषज्ञों की तैनाती
- तीसरा वर्ष जांच और इलाज की सेवाओं का 80 फीसदी तक विस्तार
- चौथा और पांचवां वर्ष : व्यवसायीकरण
पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल करने के लिए ही संस्थान में एआई हेल्थ केयर सेंटर की स्थापना की जा रही है। भविष्य में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।