पुनर्वास विवि में विद्यार्थियों को वितरित किए गए एआई आधारित चश्मे। स्रोत ः विवि
लखनऊ। डॉ. शकुुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की पढ़ाई एआई आधारित चश्मे से अब आसान हो जाएगी। ये चश्मे विद्यार्थियों को दिए गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित नवीनतम तकनीक से तैयार ये चश्मे उपयोग करने वाले विद्यार्थियों को दृश्य पहचान, वस्तुओं की पहचान, टेक्स्ट रीडिंग व चेहरे पहचानने में मदद करेंगे। इन चश्मों की मदद से दृष्टिबाधित विद्यार्थी पुस्तक, संकेतों और अभिलेखों को खुद पढ़ सकते हैं और अपने परिवेश में आत्मविश्वास के साथ संवाद स्थापित कर सकते हैं। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय का ये कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा रहा है। इस संबंध में बुधवार को स्मार्ट विजन ग्लासेस वितरण समारोह के जरिये पहले चरण में 33 विद्यार्थियों को ये चश्मे मिले हैं। इस कार्यक्रम में हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ विशेष शिक्षा संकाय के डीन डॉ. कौशल शर्मा, दृष्टिबाधिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आद्या शक्ति राय मौजूद रहे।
ऐसे काम करता है एआई चश्मा
एआई चश्मा एक स्मार्ट डिवाइस है जो हमारी आंखों के सामने रखी छोटी-सी स्क्रीन की तरह काम करता है। इसमें कैमरा, माइक्रोफोन और सेंसर लगे होते हैं जो आस-पास की चीजों को पहचानते हैं और उनकी जानकारी तुरंत चश्मे के लेंस पर दिखा देते हैं। यह चश्मा बोलकर भी काम करता है... यानी आप वॉइस कमांड देकर उसे निर्देश दे सकते हैं। इसमें टच सेंसर और इशारा पहचानने की सुविधा भी होती है, जिससे बिना बटन दबाए कई काम किए जा सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह चश्मा एक छोटी ईयर डिवाइस से जुड़कर उपयोगकर्ता को ऑडियो मैसेज भी भेजता है। जैसे अगर कोई विद्यार्थी इसे पहने है, तो उसे किसी विषय की जानकारी सीधे उसके कान में सुनाई दे सकती है, जिससे पढ़ाई और समझना दोनों आसान हो जाते हैं।