लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से बड़े डाटा का इस्तेमाल कर बीमारियों को गंभीर होने से पहले ही रोका जा सकता है। पीजीआई में शनिवार को भारतीय सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के वार्षिक सम्मेलन क्रिटिकॉन-2024 में विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी।
पीजीआई निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा, चिकित्सा देखभाल प्रथाओं में क्रांति लाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका बेहद अहम है। पद्मभूषण डॉ. बीके राव और भारतीय सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य ने चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीक को बेहद अहम बताया।
संगठन सचिव डॉ. तन्मय घटक ने स्वास्थ्य समुदाय के प्रति उनकी भागीदारी और योगदान के लिए आभार जताया। प्रो. आरके सिंह ने कहा, बड़े डाटा का इस्तेमाल कर मरीजों को सटीक और समय पर देखभाल देकर मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
मौके पर क्रिटिकल केयर पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम थ्योरी टू प्रैक्टिस पुस्तक का विमोचन किया गया। प्रो. एके बारोनिया को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और प्रो. ललित सिंह को यूपी क्रिटिकल केयर रत्न अवॉर्ड दिया गया।