फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: पुस्तक मेले में वैदिक साहित्य की मांग सबसे ज्यादा

Sun, 29 Sep 2024 03:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
पुस्तक मेले में मनपसंद किताबें खरीदतीं युवतियां।
विज्ञापन
लखनऊ। रिमझिम बारिश के बीच भी बलरामपुर गार्डेन में लगे पुस्तक मेले में शनिवार को खूब भीड़ जुटी। अपनी मनपसंद पुस्तकों को खरीदने में महिलाएं और बच्चे ज्यादा उत्सुक नजर आए। इस दौरान वैदिक साहित्य और मोटिवेशनल पुस्तकों की मांग सबसे ज्यादा रही।
विज्ञापन



वैदिक साहित्य के स्टॉल पर वहां के कर्मचारी ने बताया कि उनके पास से सत्यार्थ प्रकाश की खूब बिक्री हो रही है। यह दुनिया के सभी वेदों व पुराणों का निचोड़ है। यह किताब उनके यहां सिर्फ 30 रुपये में उपलब्ध है। वेद, उपनिषद, दर्शन, चरित्र निर्माण की किताबों में युवाओं का सबसे ज्यादा रुझान है। वहीं एक दुकान से किशोर डे ने बताया कि वह लोगों को फ्री में बाइबिल बांट रहे हैं।

बच्चों को लिखो और मिटाने वाली नोटबुक लुभा रही हैं। एंजल बुक हाउस से प्रकाश मंडल ने बताया कि वॉशेबल नोटबुक में बच्चों का रुझान तो है बल्कि इनमें अभिभावकों को आराम रहती हैं कि प्लास्टिक की होने की वजह से बच्चें इन्हें फाड़ नहीं पाते हैं और गीले कपड़े से ही यह साफ हो जाती हैं।
विज्ञापन


निरालानगर रामकृष्ण मठ से राहुल मित्रा ने बताया कि प्रेरणादायक किताबों की खासी मांग देखने को मिल रही है। इसमें युवा सबसे ज्यादा विवेकानंद को पढ़ रहे हैं। लोग धर्म की ओर से लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं। मेरे पास 10 रुपये की भी किताबें उपलब्ध हैं। बहुजन साहित्य से एसके गौर ने बताया कि उनके पास एससी-एसटी व ओबीसी पर आधारित काफी ज्यादा संग्रह है। दिल्ली से मो. गुलफाम ने बताया कि युवाओं को कई पार्ट वाली रोमांटिक सीरीज खूब भाती हैं। युवा ढूंढकर यहां आते हैं।


999 रुपये में टोकरी भरकर लीजिए मनपसंद किताबें
मेले में पहली बार मनपसंद किताबों का बॉक्स आप सिर्फ 999 में घर ले जा सकते हैं। ई-लोकल बॉक्स शॉप से शुभम नथामी ने बताया कि हमारे यहां पुस्तक प्रेमियों के लिए खास मौका है कि वह मिनी बॉक्स भरकर किताबों को सिर्फ 999 में खरीद सकते हैं। साथ ही मीडियम बॉक्स को 1999 में और मेगा बॉक्स को 2999 में भरकर ले जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें