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एकेटीयू : आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ड एप से होगी कॉपियों की मॉनिटरिंग

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अक्षय कुमार लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अब सेमेस्टर परीक्षा के लिए भेजी जाने वाली कॉपियों की मॉनिटरिंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ड एप से जीपीएस के जरिए करेगा। इससे उनकी अदला-बदली करना संभव नहीं होगा। साथ ही इस बार परीक्षा केंद्र पर ही कॉपियों की डिजिटल स्कैनिंग की भी व्यवस्था करेगा। विश्वविद्यालय की पिछली सेमेस्टर परीक्षा में कुछ केंद्रों पर कॉपियों की अदला-बदली का मामला सामने आया था। जिसे विश्वविद्यालय ने अत्याधुनिक मूल्यांकन तकनीकी से पकड़ा और संबंधित कॉलेज व विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। दोबारा ऐसा न हो इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन न सिर्फ पेपर बल्कि परीक्षा में प्रयोग होने वाली कॉपियों की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेगा। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा के लिए भेजी जाने वाली कॉपियों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एप के जरिए जीपीएस से जोड़ेगा। इसके बाद कोई भी कॉपियों को निर्धारित स्थान से अतिरिक्त नहीं ले जा सकेगा। वहीं, परीक्षा के तुरंत बाद संबंधित सुपरिंटेंडेंट कॉपियों को विश्वविद्यालय की ओर से तैनात एजेंसी को हैंडओवर कर देगा। विवि की ओर से यहीं पर कॉपियों की डिजिटल स्कैनिंग की व्यवस्था होगी। जैसे ही यह स्कैन होकर अपलोड होंगी। फिर उसमें किसी तरह का बदलाव किया जाना संभव नहीं होगा। इससे सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जा सकेगा। मालूम हो कि विश्वविद्यालय की परीक्षा में हर साल करीब 2.50 लाख स्टूडेंट शामिल होते हैं और कॉपियों की संख्या काफी होती है। जिसे स्कैन करने व मूल्यांकन के लिए काफी बड़ा सिस्टम विकसित किया जाता है। तीन स्तरीय बार कोड भी होगा विश्वविद्यालय अपनी परीक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। वह विद्यार्थियों के कॉपी के साथ पेपर और प्रवेश पत्र में भी बार कोड की व्यवस्था लागू करेगा। इससे किसी भी स्टूडेंट का रिकॉर्ड आसानी से ट्रैक हो सकेगा। वहीं, कॉपियों की अगर अदला-बदली जैसा प्रयास किया जाएगा तो उसे भी आसानी से पता लगा लेंगे कि किस बार कोड के पेपर की कॉपी कौन सी है। परीक्षा को लेकर अभी भी इंतजार विश्वविद्यालय ने फाइनल ईयर की परीक्षा और अन्य ईयर के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का प्रस्ताव पांच दिन पहले शासन को भेज दिया था। किंतु विश्वविद्यालय को यूजीसी के निर्देश के बावजूद अभी परीक्षा के लिए शासन के फरमान का इंतजार है। इसे लेकर विद्यार्थी भी असमंजस में हैं। विश्वविद्यालय में फाइनल ईयर की परीक्षा की तैयारियां चल रही हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था में कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कॉपियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सेंटर पर ही कॉपियों के स्कैनिंग की व्यवस्था होगी। - प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, एकेटीयू
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