लखनऊ। पॉलीटेक्निक के विद्यार्थी इंजीनियरिंग के साथ ही एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और रोबोटिक्स तकनीक अब नियमित रूप से पढ़ सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) कानपुर की ओर से सभी 76 डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को अपडेट करने की तैयारी है। इस पहल के बाद विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ ही कौशल आधारित शिक्षा मिल सकेगी।
एआई और रोबोटिक्स तकनीक को अभी वैकल्पिक रूप में पढ़ाया जा रहा है। पॉलीटेक्निक के कुछ ही ऐसे संस्थान हैं, जहां इन विषयों में शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू हुए हैं, लेकिन जल्द ही इनकी नियमित पढ़ाई होगी। आईआरडीटी के एक अधिकारी ने बताया कि ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, साइबर सुरक्षा, सिविल, कंप्यूटर विज्ञान व इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग से जुड़े डिप्लोमा के ऐसे कोर्स हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक की मांग पर अपडेट किया जाएगा।
लखनऊ पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य अनिल भारती ने बताया कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में कंप्यूटर डाटा बेस, एआई, रोबोटिक्स विषयों को पढ़ाने पर जोर दिया रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी पाठ्यक्रमों में नई तकनीक से जुड़े विषय शामिल करने की तैयारी है।
विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
पॉलीटेक्निक में अभी दो और तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित हैं। इनमें मौखिक और प्रयोगात्मक पढ़ाई हो रही है, लेकिन कोर्स अपडेट होने के बाद विद्यार्थियों को सिविल, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स से जुड़े विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।
रोबोटिक्स में सेंसर और सॉफ्टवेयर को समझेंगे विद्यार्थी
एआई और रोबोट कैसे काम करता है? सेंसर और सॉफ्टवेयर की उपयोगिता क्या है? कंप्यूटर मोबाइल से जुड़े साइबर सुरक्षा में एआई कैसे मददगार होगा? ऐसी ही तकनीक से जुड़ी चीजों की जानकारी विद्यार्थियों को दी जाएगी। कंप्यूटर इंजीनियरिंग, गणित, सांख्यिकी व अन्य विषयों में एआई की उपयोगिता भी विद्यार्थी समझेंगे।