सरकार अब अहिंसा मैसेंजरों (संदेशवाहक) के जरिए महिला हिंसा रोकेगी।
यह अहिंसा मैसेंजर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बनाई जाएंगी।
यह योजना महिला कल्याण तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग मिलकर चलाएंगे।
समाज में महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इसे रोकने के लिए कई स्तर से किए जा रहे सरकारी प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं।
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इससे सबक लेते हुए सरकार ने अब इस काम में सहयोग के लिए समाज को भी शामिल करने का निर्णय लिया है।
इस क्रम में अहिंसा मैसेंजर तैनात की जाएंगी, जो महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के प्रति समाज को जागरूक करेंगी।
यूं तो यह योजना केंद्र की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मूल अवधारणा पर आधारित है। केंद्र से ही आए दिशा-निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने भी अहिंसा मैसेंजरों की तैनाती की तैयारी शुरू की है।
इसका जिम्मा महिला कल्याण तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग को सौंपा गया है। इन मैसेंजरों को सरकार प्रशिक्षित करेगी।
बाद में यही अहिंसा मैसेंजर महिला हिंसा के खिलाफ जमीनी स्तर पर काम करेंगी।
प्रदेश में यह योजना आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायती राज संस्थान, सबला आदि के माध्यम से लागू की जाएगी। अहिंसा मैसेंजर उन महिलाओं को जागरूक करेंगी जो हिंसा का शिकार होती हैं।
उन्हें यह बताया जाएगा कि यदि आप इसी तरह चुप रहेंगी तो हिंसा बढ़ती रहेगी। जरूरत पड़ने पर अहिंसा मैसेंजर उन्हें कानूनी मदद भी दिलाएंगी।
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