लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी वर्ष का समापन समारोह आयोजित हुआ। एपी सेन सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा, माता अहिल्याबाई ने नारी शिक्षा और अधिकारों के लिए पूरे समाज में अलख जगाने का काम किया।
यह भी कहा कि शिक्षा मनुष्तर की ओर ले जाती है। इससे वह आत्मनिर्भर बनने के राष्ट्र निर्माण के भाव को आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी की संगठनात्मक नींव रखी गई तो तीन सबसे बड़े मुद्दे रखे गए। इनमें नारी शिक्षा, नारी उत्थान और नारी सशक्तीकरण शामिल था। इसके जीवंत उदाहरण के रूप में महारानी पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर को याद करते हैं।
एबीवीपी की महानगर अध्यक्ष डॉ. भुवनेश्वरी भारद्वाज ने कहा कि युवाओं को अहिल्याबाई के जीवन से प्ररेणा लेनी चाहिए। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने कहा, अहिल्याबाई का सबसे बड़ा योगदान धार्मिक कार्यों और परोपकार में था। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर और विष्णुपद समेत कई मंदिरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया। उनकी याद में मंदिरों और घाटों का निर्माण किया जाता है और उन्हें लोकमाता के रूप में याद किया जाता है। विशिष्ट अतिथि समाज सेवी निमेष मिश्रा, अवध प्रांत अध्यक्षा प्रो. नीतू सिंह, प्रांत मंत्री पुष्पेंद्र बाजपेई, मंत्री अंकित शुक्ल, प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. मंजुला उपाध्याय समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।