रायबरेली। हवा की दिशा बराबर बदल रही है। कभी पश्चिम-पूर्व तो कभी उत्तर-पूर्व की हवा चलने से तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में सामान्य से अधिक बढ़त दर्ज की गई। ऐसे में खेती पर संकट के बादल छाए हैं और बारिश की आशंका भी बनी हुई है। मौसम के उलटफेर का सबसे अधिक प्रभाव आलू की फसल पर पड़ रहा है।
दिसंबर में मौसम उलटफेर का शिकार हो गया है। हवा की दिशा सामान्य नहीं है। हर दिन इसकी दिशा बदलती है, जिसका असर तापमान पर पड़ रहा है। दो दिन पहले बारिश हुई और अधिकतम तापमान तेजी से नीचे गिर गया और न्यूनतम तापमान बढ़ गया। वहीं बृहस्पतिवार सुबह हल्का कोहरा पड़ा तथा दिन में खिली धूप रही। इसके साथ ही रात में भी गलन कुछ कम रही और नतीजा यह रहा कि दोनों तापमान सामान्य से अधिक हो गए।
बदलते मौसम का सबसे अधिक असर आलू की फसल पर पड़ रहा है। किसान आलू की फसल में रोग लगने की आशंका से परेशान हैं। दिन और रात के तापमान में यदि तेजी रही तो आलू की बढ़त पर भी असर पड़ेगा। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। जो सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि हवा की दिशा लगातार बदल रही है। इससे तापमान पर असर पड़ रहा है। बारिश की संभावना भी बनी हुई है। अगले दो दिन महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान बारिश हो सकती है।