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किसानों के लिए बनेंगे 2105 एग्रीकल्चर हब

Fri, 09 May 2014 08:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश के किसानों को बेहतर सुविधाओं के साथ उन्हें उनके उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए 2105 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब (किसान बाजार) का निर्माण कराया जाएगा।
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साथ ही प्रदेश की 30 सबसे बड़ी मंडियों को समस्त आवश्यक सुविधाओं वाला बनाया जाएगा। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने यह निर्देश गुरुवार को राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के कार्यों की समीक्षा के दौरान दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनसे होने वाली अवैध कटौतियों को प्रभावी ढंग से रोका जाए। किसानों को बाजार भाव की सूचनाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं।
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घटतौली रोकने के साथ मंडी क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाले बाट-माप तथा तौल यंत्रों की जांच व सत्यापन भी कराया जाए।

उन्होंने बेहतर भंडारण सुविधा के लिए तहसील स्तर पर गोदामों का निर्माण कराते हुए 500 गोदामों का सदुपयोग सुनिश्चित कराने को बिजनेस प्लान बनाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को उत्पाद सीधे विक्रय करने के लिए मुफ्त व रियायती दर पर स्थल उपलब्ध कराए जाएं।

पहले चरण में प्रदेश के चार जिलों लखनऊ, झांसी, सैफई (इटावा) और मैनपुरी में लगभग 126.74 करोड़ की लागत से किसान बाजार का निर्माण कराया जा रहा है।

इसी प्रकार अन्य जिलों में भी किसान बाजार बनाए जाने के लिए योजना शीघ्र बनाई जाए। किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण में 30 मंडियों का कंप्यूटरीकरण कराया जा रहा है, ताकि मंडियों के सभी काम कंप्यूटर से किए जा सकें।
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बैठक में बताया गया कि इटावा, कन्नौज, औरेया, मुरादाबाद तथा मेरठ में मंडी समितियों के आधुनिकीकरण के लिए चयनित किया गया है।

मंडी स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए आदर्श स्थल के रूप में विकसित करने को डिजाइन तैयार कराने का काम चल रहा है।
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