लखनऊ। भारत के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग केवल व्यापार नहीं, बल्कि साझा विकास और ज्ञान-विनिमय का अवसर है। यह बात क्यूबा गणराज्य के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा ने एग्रोटेक-2026 के उद्घाटन सत्र में कही।
तेलीबाग स्थित आईसीएआर-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोटेक-2026 के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत ने सीमित संसाधनों के बावजूद कृषि अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी और लघु किसानों को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। क्यूबा और भारत के बीच वैज्ञानिक सहयोग, उन्नत बीज विकास, गन्ना अनुसंधान तथा सतत खेती मॉडल जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उपमुख्यमंत्री ने उच्च मूल्य फसलों, आधुनिक अवसंरचना और मजबूत मूल्य श्रृंखलाओं को टिकाऊ विकास की कुंजी बताया। दिनेश प्रताप सिंह ने कृषि नवाचार और निर्यात आधारित विकास पर बल दिया।
कोटे-डीआइवर के राजदूत एरिक केमिली एन ड्राई सहित अन्य विदेशी प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को वैश्विक स्वरूप प्रदान किया। गन्ना शोध संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कंपनियों की ओर से आधुनिक कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि यह मंच किसानों, नवप्रवर्तकों और निवेशकों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज तकनीक, डिजिटल खेती समाधान और प्रसंस्करण तकनीकों का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर की वरिष्ठ प्रबंधक अयाति सिंह भी मौजूद रहीं।
संस्थान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोटेक।
संस्थान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोटेक।
संस्थान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोटेक।
संस्थान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोटेक।
संस्थान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एग्रोटेक।