आगरा में 10वीं की छात्रा को जिंदा जलाने और बीटेक छात्रा के साथ गैंगरेप के मामलों की गूंज बृहस्पतिवार को विधानसभा में सुनाई दी। बसपा और सपा सदस्यों ने जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए वहीं, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार घटना में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश दे दिए हैं।
काम रोको प्रस्ताव के तहत बसपा के उमाशंकर सिंह और सपा के संजय गर्ग ने आगरा में महिला हिंसा से जुड़ी घटनाओं को विधानसभा में उठाया। उमाशंकर ने कहा कि आगरा के लालऊ निवासी हरेंद्र सिंह जाटव की पुत्री संजलि (15) अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज नौमील में कक्षा-10 की छात्रा थी।
18 दिसंबर को स्कूल से लौटते समय रास्ते में अराजकतत्वों ने जबरन रोकने की कोशिश की। विरोध करने पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी जिससे वह 70 प्रतिशत तक झुलस गई। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना का हवाला देते हुए संजय ने कहा कि बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा स्कूटी से कंप्यूटर सेंटर से लौट रही थी।
रास्ते में उसे स्कूटी समेत अगवा कर उसका सामूहिक बलात्कार किया गया। प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए सदस्यों ने सरकार से दोनों ही मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सदन का कामकाज रोककर चर्चा कराने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि जिस समय ये घटनाएं हुईं उस समय विधानसभा चल रही थी और डीजीपी आगरा में मौजूद थे। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है।
इस पर संसदीय कार्यमंत्री खन्ना ने ग्राह्यता पर सरकार का पक्ष रखते हुए दोनों ही घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों ही घटनाओं में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पहली घटना से जुड़ी लड़की ने इलाज के दौरान बयान में किसी का नाम नहीं लिया है। जिन लोगों ने भी ऐसा किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी घटना में दो लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं की गई है।