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'इससे अच्छा तो हम भीख मांगकर जीयें'

Wed, 06 Nov 2013 12:58 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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उत्तर प्रदेश के 331 एडेड डिग्री कालेजों के अनुमोदित अध्यापकों द्वारा अपने विनियमितीकरण की मांग को लेकर धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल आज 51वें दिन जारी रही।
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इसके बावजूद, सरकार का कोई भी प्रतिनिधि इनकी सुधि लेने नहीं गया।

आर्थिक विपन्नता को झेल रहे अनुमोदित शिक्षकों द्वारा दीपावली एवं भैयादूज नहीं मनाने के बाद भी सरकार को न चेतता देख लखनऊ में विधानसभा भवन के सामने भिक्षा मांगकर सरकार को जगाने का प्रयास किया।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. केएस पाठक ने कहा कि समाजवाद का उप नाम सामाजिक न्याय है। समाजवादी सरकार भी हम लोगों के शोषण को अगर समाप्त नही करती तो उसे समाजवादी कहलाने का कोई अधिकार नही है।
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कानपुर विश्वविद्यालय के महामंत्री डॉ. आलोक यादव ने कहा है कि जैन इण्टर कालेज करहल, मैनपुरी के शिक्षक रहे मुलायम सिंह यादव की ओर आज पुनः शिक्षक वर्ग आशा और विश्वास भरी निगाहों से निहार रहा है।

यह अभी तक चिन्तनीय है कि समाजवादी सरकार द्वारा मतदाताओं को शिक्षित करने वाले शिक्षकों का अबतक खयाल नही आया।

इटावा के शिक्षक योगेश कुमार का कहना है कि समाजवादी पार्टी की सरकार को एक ही महाविद्यालय में चलने वाली दोहरी शिक्षा व्यवस्था को समाप्त कर समाजवादी व्यवस्था बनाकर उच्च शिक्षा की प्रगति में योगदान करना चाहिए।

बलरामपुर के डॉ. आरबी त्रिपाठी ने कहा है कि शैक्षिक उन्नयन के बिना सामाजिक न्याय की कल्पना करना बेमानी है। इससे तो अच्छा है कि शिक्षक भिक्षा मांगकर अपना जीवन-यापन करें।
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