विभूतिखंड इलाके से मंगलवार को गिरफ्तार कुख्यात बाबू सिंह एसटीएफ से बर्खास्त सिपाही तस्लीम खान के विभूतिखंड स्थित अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रह रहा था। पुलिस टीम वहां पहुंची तो बाबू सिंह एसी चलाकर रजाई ओढ़े सो रहा था। पुलिस को देखकर बाबू सिंह और तस्लीम खान हड़बड़ा गए।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि बाबू सिंह ट्रांसगोमती इलाके का शातिर अपराधी है। उसके पिता पुलिस महकमे से ही सेवानिवृत्त हुए हैं। बाबू सिंह के खिलाफ मड़ियांव समेत अन्य थानों में 14 गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। वह बमबाजी के कई केस में आरोपी है। उसके घर से मिले टिफिन का इस्तेमाल टिफिन बम बनाने में किया जाता था। वह बाहुबली मुख्तार अंसारी के लिए काम करता था और ट्रांसगोमती में मुख्तार के इशारे पर जमीनों पर कब्जा व खरीद-फरोख्त का काम करता था।
उसने मुख्तार के लिए एक मामले में हत्या का प्रयास भी किया था। बाबू सिंह के खिलाफ मड़ियांव, अलीगंज, विकासनगर, गोमतीनगर, विभूतिखंड और गुडंबा में मुकदमे हैं। वह मुख्तार के लिए नए लड़कों को अपने गिरोह से जोड़ता था। उसके घर की तलाशी में दो पिस्टल छिपाकर रखी मिलीं जबकि एक पिस्टल तहखाने से बरामद की गई। एसटीएफ के बर्खास्त सिपाही को मुख्तार के गुर्गों के मददगार व शरणदाता के रूप में चिह्नित कर उसका डोजियर बनवाया गया है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि बाहुबली, माफिया और अपराधियों के मददगार व उन्हें शरण देने वाले 21 लोगों से पुलिस की चार टीमें पूछताछ कर रही हैं। सभी के मोबाइल नंबर व उसकी कॉल डिटेल के अलावा उनके पास से बरामद दस्तावेजों का अध्ययन क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है।
पुलिस की फ्रीक्वेंसी कैच करते थे वायरलेस सेट
पुलिस आयुक्त ने बताया कि गोमतीनगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट में रहने वाले प्रदीप सिंह के फ्लैट पर दबिश के दौरान मोटोरोला कंपनी के पांच वायरलेस सेट और बैटरियां बरामद हुईं। वायरलेस सेट ऐसे हैं जिनमें पुलिस की फ्रीक्वेंसी कैच की जा सकती है। फ्लैट से ही एक बुलेटप्रूफ जैकेट भी मिली है जो बिना अनुमति के रखना गैरकानूनी है।
आशंका है कि प्रदीप सिंह पुलिस के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए ऐसे वायरलेस सेट रखता था। उसके पास से एक बुलेटप्रूफ एसयूवी भी मिली है, जिसे पुलिस ने सीज कर दिया है। बुलेटप्रूफ एसयूवी और जैकेट के साथ पुलिस की फ्रीक्वेंसी वाले वायरलेस सेट के इस्तेमाल से साफ है कि शातिर प्रदीप सिंह पुलिस के हर कदम पर नजर रखता था और पुलिसकर्मियों से निपटने को तैयार रहता था। पुलिस आयुक्त का कहना है कि वायरलेस सेट और बुलेटप्रूफ जैकेट उसके पास कब, कैसे और कहां से आईं? इस बाबत जांच की जा रही है।
इन अपराधियों को किया गया गिरफ्तार
अलीगंज निवासी व मुख्तार का गुर्गा अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह, आशियाना का गुड्डू गैस वाला, सीरियल किलर भाइयों के गैंग का सदस्य सदर कैंट के नई बस्ती निवासी नदीम, सदर कैंट के आजाद मोहाल का मानू उर्फ शोएब, निलमथा के भगवंतनगर में रहने वाला विशाल, सुरेंद्र कालिया के गैंग का सदस्य हुसैनगंज के पजावा छितवापुर का आकाश व उन्नाव के आसीवन निवासी और यहां बड़ा बरहा आलमबाग में रह रहा ऋषभ सिंह, दीपक उर्फ दीपू गैंग का सदस्य निलमथा कैंट के भगवंतनगर में रहने वाला राजीव उर्फ राजू और आकाश व सरोजनी नायडू मार्ग हजरतगंज का अनस खान।
इलाके की घेराबंदी कर आने-जाने वालों को रोका
अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम में महिला पुलिसकर्मी और पैरा मिलिट्री के जवान भी शामिल थे। जिन बदमाशों के घर पर दबिश दी गई, वहां आसपास के इलाके को चारों तरफ से घेर कर आने-जाने पर रोक लगा दी गई। सरस्वती अपार्टमेंट के गेट के साथ ही चारों तरफ पुलिस तैनात कर दी गई।
कई दिनों से गुर्गों पर नजर रख रही थी पुलिस
बाहुबली और माफिया गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कई दिन से उनके गुर्गों की गतिविधियों पर नजर रखकर सूचनाएं एकत्रित की जा रही थीं। पुलिस ने पूरी सावधानी से अभियान चलाया। अपराधी अच्छी समझ लें कि अब राजधानी में उन्हें न जगह मिलेगी, न ही अपराध करने के मौके।
- सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त