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Lucknow News: मतदाता सूची में सुधार का विरोध

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लखनऊ। बिहार में विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है, इसलिए चुनाव आयोग ने वहां की मतदाता सूची में सुधार के लिए कदम उठाया, किन्तु विपक्षी दलों ने सूची सुधारे जाने का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। वे निर्वाचन आयोग के इस सुधार कार्य को रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक गए, किन्तु उन्हें सफलता नहीं मिली।
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उक्त विचार बुद्घिजीवियों ने विचार मंच की ओर से वीरसावरकरनगर में आयोजित 'चुनाव आयोग द्वारा मतदान सूची का पुनरीक्षण' विषयक गोष्ठी में व्यक्त किए। मुख्य वक्ता आयकर के एडवोकेट अनुराग गुप्त ने बताया कि मतदाता सूची में पुनरीक्षण के दौरान डेढ़ लाख जांचकर्ताओं ने घर-घर जाकर संशोधन कार्य किया। जांच में 12 लाख ऐसे मतदाताओं के नाम पता लगे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। 17 लाख ऐसे मतदाता मिले, जिनका पता बदल चुका है। छह लाख मतदाता ऐसे थे, जिनके नाम दूसरे राज्यों में दर्ज हैं। मतदाता सूची सही होने पर मतदान भी सही होगा, जिससे लोकतंत्र मजबूत होगा। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पत्रकार श्याम कुमार ने कहाकि सही मतदाता सूची लोकतंत्र की इमारत में नींव के पत्थर के समान होती है। इस नींव को ठोस मजबूती पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन ने प्रदान की। अन्यथा शेषन से पहले हमारे यहां धांधलीभरे चुनाव होते थे और बाहुबली लोग चुनावों में हावी रहा करते थे। पत्रकार राजेश राय ने कहाकि जो लोग गड़बड़ मतदाता सूची के बल पर चुनाव जीत लेते हैं, वे ही सूची में सुधार का विरोध कर रहे हैं। 'राष्ट्रधर्म' पत्रिका के प्रभारी निदेशक एवं विश्लेषक सर्वेशचंद्र द्विवेदी, अर्थशास्त्री प्रो. अम्बिका प्रसाद तिवारी एवं समाजसेवी सुशीला मिश्र ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि विपक्षी दल मतदाता सूची सही किए जाने का विरोध कर रहे हैं। पत्रकार सिद्धार्थ सौरभ एवं समाजसेवी राजीव माथुर ने कहाकि मतदान केंद्रों पर स्थानीय पुलिस के बजाय केंद्रीय बलों की तैनाती होनी चाहिए। पत्रकार शेखर पंडित ने कहाकि निर्वाचन आयोग को पूरे देश में मतदाता सूची सुधारने का कार्य युद्धस्तर पर करना चाहिए तथा यह कार्य निरंतर चलते रहना चाहिए, ताकि समस्त मतदाता सूची सही रहे। संगोष्ठी में दो दर्जन से अधिक इन बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, विश्लेषकों, पत्रकारों आदि ने कहाकि निष्पक्ष चुनाव एवं लोकतंत्र के हित के लिए मतदाता सूची का सही होना बहुत आवश्यक हैः- आनंद महाराज, मंजुल मयंक, कमलेश कुमार पांडेय, अजय दत्त शर्मा, हरेंद्र नाथ त्रिपाठी, त्रिभुवन, स्वर्णकेतु भारद्वाज, आशीष मिश्र, सचिन त्रिपाठी, शरद कुमार श्रीवास्तव, मुरलीधर सोनी, अंकुर, नितिन, अशोक साहू, अनुरक्ति, शौकत अली, गोपाल कौशल, भारत सिंह, राकेश कुमार सिंह, आमोद श्रीवास्तव, लाल वीरेंद्र कुमार शर्मा आदि।
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