लखनऊ। नगर निगम में ढाई साल बाद शासन की ओर से दस पार्षद नामित किए गए हैं। इनकी सूची जारी कर दी गई है। सूची में दो नामित पार्षद ऐसे हैं, जो पूर्व में निर्वाचित पार्षद रह चुके हैं। नगर निगम अधिनियम में 10 नामित पार्षदों को नियुक्त करने का प्रावधान है।
नगर निगम अधिकारी बताते हैं कि नामित पार्षद सदन की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन मतदान की स्थिति में वोट नहीं दे सकते हैं। निर्वाचित पार्षदों की तरह इनका विकास कार्य के लिए कोटा आवंटित करने का प्रावधान नहीं है। इन नामित पार्षदों का कार्यकाल तभी तक रहता है, जब तक शासन चाहता है। इन्हें शासन कभी भी हटा सकता है। जिन पार्षदों को नामित किया गया है, उसमें पुराना हैदरगंज निवासी गणेश वर्मा, विनयखंड के दीपू जायसवाल, मुरलीनगर निवासी रूपचंद अग्रवाल, रविंद्रपल्ली के पंकज बोस, अतरौली गुडंबा थाना निवासी किशन पाल, दौदाखेड़ा मानकनगर के संतोष सिंह बलखंडी, तेलीबाग की नेहा सिंह, विकासनगर के अखिलेश गिरि, विरामखंड निवासी मधुबाला त्रिपाठी व सआदतगंज के पुरुषोत्तम पुरी शामिल हैं। इसमें अखिलेश गिरि व संतोष सिंह बलखंडी पूर्व में निर्वाचित पार्षद रह चुके हैं।