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Lucknow News: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद महापौर ने सपा पार्षद को दिलाई शपथ

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सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलातीं महापौर।  - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ। पांच महीने तक चले विवाद के बाद आखिरकार महापौर सुषमा खर्कवाल को हाईकोर्ट की सख्ती के आगे झुकना पड़ा। रविवार को अवकाश के बावजूद फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड से निर्वाचित घोषित सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को महापौर ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नगर निगम लखनऊ के 66 वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी को कोर्ट के आदेश पर पदग्रहण कराया गया। शपथ न दिलाने के आदेश का अनुपालन न करने पर हाईकोर्ट ने 21 मई को सख्ती दिखाते हुए महापौर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए थे। यह भी कहा था कि यदि 29 मई तक आदेश का पालन नहीं हुआ तो महापौर को अदालत के समक्ष उपस्थित होकर जवाब देना होगा।
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मामला फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड का है जहां पार्षद पद पर भाजपा के प्रदीप शुक्ला टिंकू ने करीब 1700 मतों से जीत हासिल की थी। दूसरे स्थान पर सपा के ललित तिवारी रहे। चुनाव के बाद ललित ने कोर्ट में वाद दायर कर दावा किया कि भाजपा के प्रदीप शुक्ला टिंकू ने शपथ पत्र में अपने विवाह के संबंध में गलत जानकारी दी है। इस मामले में करीब पांच महीने पहले अपर जिला जज की अदालत ने आरोप सही पाते हुए प्रदीप शुक्ला का निर्वाचन निरस्त करते हुए ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित घोषित कर दिया। तब से ललित पदग्रहण के लिए प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने नगर निगम, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और शासन तक पत्राचार किया। कहीं भी सुनवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने भी अपर जिला जज के आदेश को सही माना और याचिकाकर्ता को 21 मई की सुनवाई के पूर्व शपथ ग्रहण का आदेश दिया। 21 मई को जब हाईकोर्ट को जानकारी मिली कि आदेश का पालन नहीं हुआ है तो अदालत ने महापौर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। सुनवाई के दिन ही महापौर कमांड अस्पताल में भर्ती हो गईं। उनका कहना था कि वह बीमार हैं। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वह कुछ करेंगी। शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने पर रविवार को उन्होंने शपथ ग्रहण कराया।
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सभागार के बजाय महापौर कार्यालय में हुई शपथ

शपथ ग्रहण को लेकर चर्चा थी कि यह कार्यक्रम बाबूराज कुमार श्रीवास्तव सभागार में होगा। ऐसे में ललित किशोर और उनके समर्थक इसी सभागार में बैठे थे। सुबह नौ बजे शपथ ग्रहण होना था। महापौर समय से आ गईं लेकिन सभागार के बजाय वह अपने ऑफिस में बैठी रहीं। कुछ लोग बुलाने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वह अपने कार्यालय में शपथ ग्रहण कराएंगी। ललित और उनके समर्थक कार्यालय पहुंचे तब शपथ ग्रहण कराया गया। कार्यालय छोटा और लोग अधिक होने के कारण धक्का-मुक्की का माहौल रहा। इस दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार, सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग भी मौजूद रहे। ललित सपा की लाल टोपी पहने थे।

शपथ ग्रहण में देरी महापौर ने दी सफाई

पहले जब हाईकोर्ट का आदेश आया था तो मैं महाराष्ट्र में आयोजित सम्मेलन में शामिल होने गई थी। उसके बाद बड़े मंगल के दिन तेज धूप में ज्यादा भागदौड़ के चलते मुझे चक्कर आने लगे और मैं बीमार हो गई। ईलाज के लिए कमांड अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने पर न्यायालय के आदेश पर शपथ ग्रहण करा दिया गया है।

-सुषमा खर्कवाल,
महापौर


सत्य की जीत हुई, विकास के लिए संघर्ष करूंगा

यह सत्य की जीत है। मैंने न्याय के लिए संघर्ष किया गया और वह मिला। कोर्ट के आदेश के बाद हर स्तर पर मैंने पदग्रहण के लिए प्रयास किए। उच्च न्यायालय में भी लड़ाई लड़ी जिसके बाद अब मुझे शपथ ग्रहण कराया गया है। इस संघर्ष में साथ देने वाले सभी साथियों का मैं आभारी हूं। मैं वार्ड में विकास के लिए काम करूंगा। जरूरत पड़ी तो जनता के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटूंगा।

- ललित किशोर तिवारी,
पार्षद

सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलातीं महापौर। - फोटो : अमर उजाला

सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलातीं महापौर। - फोटो : अमर उजाला

सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलातीं महापौर। - फोटो : अमर उजाला

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