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सात मौतों और छह साल तक टालामटोली के बाद तोड़े गए चारबाग के दोनों अवैध होटल

Fri, 12 Jul 2019 02:54 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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होटलों एसएसजे और विराट को एलडीए ने तोड़ा - फोटो : अमर उजाला
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19 जून 2018 को अग्निकांड में सात मौतों के बाद निशाने पर आए होटल एसएसजे इंटरनेशनल और विराट इंटरनेशनल के अवैधे निर्माण दूसरे दिन एलडीए ने विरोध के बीच तोड़ दिए। एक तरफ टीम अवैध निर्माण तोड़ रही थी, दूसरी तरफ होटल कारोबारी इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए काली पट्टी बांधकर कार्रवाई का विरोध करते रहे। छह साल बाद हुई कार्रवाई से अब दोनों होटल अब केवल जर्जर ढांचा भर रह गए हैं। 
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एलडीए अधिकारियों का कहना है कि पांच मंजिला अवैध निर्माणों को विहित प्राधिकारी कोर्ट के आदेश के मुताबिक तोड़ दिया गया है। भूखंड 46, 46ए चंद्रभानु गुप्ता नगर, मवैया योजना पर सरिता रानी जायसवाल व अन्य के एसएसजे इंटरनेशनल के अवैध निर्माण में ढाई मंजिल का आवासीय नक्शा स्वीकृत था। इसमें अवैध निर्माण वाले ऊपरी दो मंजिलों व छज्जे को तोड़ा गया है। 

वहीं भूखंड 46, मवैया योजना पर अशर्फीलाल के नाम से होटल विराट इंटरनेशनल का अवैध निर्माण था। पूरी बिल्डिंग का ही नक्शा स्वीकृत नहीं था। इससे पूरे होटल का अवैध निर्माण तोड़ा गया। कार्रवाई के समय अधिशासी अभियंता ओपी मिश्र, सहायक अभियंता विनोद कुमार गुप्ता, अवर अभियंता अनिल सचान, विजेंद्र सिंह, मो. इस्माइल मौजूद रहे। 
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संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने बताया कि अब जोन-6 के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि बिल्डिंग टूटने के बाद यह सुनिश्चित कराएं कि आगे यहां केवल आवासीय उपयोग ही किया जाए। होटलों के अवैध निर्माण तोड़े जाने की रिपोर्ट एलडीए अब आवास विभाग को भेजेगा। 

वहां से एडीजी राजीव कृष्णा की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए आईएएस, पीसीएस अधिकारी सहित अन्य इंजीनियरों और बाबुओं पर कार्रवाई की जानकारी भी दी जानी है। अब यह देखना होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

मांग, छोटे होटलों के लिए तय हों नियम-कायदे
कार्रवाई के दूसरे दिन चारबाग होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि दोनों होटल जब एक साल से बंद पड़े हैं तो उन्हें तोड़ने का कोई औचित्य नहीं था। कहा कि पांच सितारा होटलों की तरह चारबाग व नाका के बजट होटलों के लिए नियम-कायदे नहीं हो सकते हैं। बजट होटल एक तरह से गेस्ट हाउस की तरह काम करते हैं। इनके लिए अलग नियम होने चाहिए। 
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