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Lucknow News: सलोन के बाद छतोह ब्लॉक के गांवों में भी फर्जीवाड़े की आशंका

Tue, 23 Jul 2024 04:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। सलोन ब्लॉक के पांच गांवों में 19,184 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र की जांच की आंच छतोह ब्लॉक के आठ गांवों में भी पहुंच गई है। यहां चार साल में जारी किए गए प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय यादव पूर्व में इन ग्राम पंचायतों में भी तैनात रह चुका है।
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सलोन कोतवाली क्षेत्र के सिरसिरा, लहुरेपुर, नुरुद्दीनपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, गढ़ी इस्लाम नगर गांवों में वीडीओ विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड से 19,184 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। मामले में आरोपी वीडीओ समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। एटीएस की आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने सलोन पहुंचकर जांच की थी। आरोपी वीडीओ ऊंचाहार थाना क्षेत्र के कोटरा बहादुरपुर निवासी विजय सिंह यादव, सलोन निवासी मो. जीशान, रियाज और सुहेल खान को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा जा चुका है।

आरोपी वीडीओ के तैनाती वाले गांवों में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों की संख्या 25 से 30 हजार तक हो सकती है। इसी कारण चार साल में उसकी तैनाती वाले सभी गांवों में जांच के आदेश दिए गए हैं। छतोह ब्लॉक की ग्राम पंचायतों बारा, निनावां, गढ़ा, महानंदपुर, बरावां, बढ़ौना, दोस्तपुर बुढ़वारा, महमदपुर नमकसार में पूर्व में उसकी तैनाती थी। इसी कारण इन गांवों में भी अब तक जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
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सलोन ब्लॉक के 12 गांवों में भी शुरू हुई जांच
वीडीओ विजय यादव के सलोन ब्लॉक के तैनाती वाली ग्राम पंचायतों पाल्हीपुर, दुबहन, पृथ्वीपुर, अवनानीश, माधवपुर निनौया, सांडा सैदन, लहुरेपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, नूरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लामनगर, कालू जलालपुर, सिरसिरा में जन्म प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी गई है। सलोन के पांच गांवों में अब तक 19,184 फर्जी प्रमाणपत्र पकड़ में आए हैं। जांच में यह संख्या बढ़ने की आशंका है। टीमों को एक फरवरी 2020 से अब तक बनाए गए जन्म प्रमाणपत्रों की जांच करके रिपोर्ट देनी है।
छतोह ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतों में एक फरवरी 2020 से बनाए गए जन्म प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। इसके साथ ही आरोपी वीडीओ की तैनाती के सलोन के 12 गांवों की भी जांच शुरू कराई गई है। उसके बाद स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी यूजर आईडी और पासवर्ड से कितने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।अरुण कुमार, जिला विकास अधिकारी
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