जाली दस्तावेज बनाकर सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना रविकांत यादव को एसटीएफ ने विभूतिखंड से गिरफ्तार किया है। मूल रूप से चंदौली के धानापुर स्थित ग्राम रायपुर बभनियांव निवासी रविकांत 10वीं पास है। आरोपी ने 23 से अधिक युवाओं से करोड़ों रुपये ठगे हैं।
एसटीएफ में एएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक फतेहगढ़ निवासी शेर सिंह ने थाना मऊ दरवाजा जनपद फर्रूखाबाद में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविकांत ने खुद को भारतीय सेना में कर्नल बताया था। इसके अलावा फतेहगढ़ के ही रहने वाले ध्रुव कुमार राजपूत ने वर्ष 2023 में नर्सिंग व अग्निवीर के पद पर सेना में भर्ती कराने के नाम पर फर्जी जॉइनिंग लेटर दिया था। इसके एवज में आरोपियों ने शेर सिंह के बेटे और उनके जानने वाले 22 युवकों से 1.12 करोड़ रुपये लिए थे।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2018 में हाईस्कूल पास कर भारतीय सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। 2021 में छुट्टी लेकर घर आया था। गांव के लोगों को बताया कि वह सेना में कर्नल है और भर्ती करा सकता है। उसने चार युवकों से 20 लाख रुपये लेकर जाली जॉइनिंग लेटर देकर ठगी की। पीड़ितों ने चंदौली के धानापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चंदौली पुलिस ने रविकांत को जेल भेज दिया था। रविकांत वाराणसी जेल में बंद था। आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश में भी एक केस दर्ज था।
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सेना को रिकवरी रकम देकर दे दिया था इस्तीफा
दोनों मुकदमों में जमानत होने के बाद उसने दिसंबर 2022 में सेना को रिकवरी के 11.85 लाख रुपये देकर त्यागपत्र दे दिया था। वर्ष 2023 में उसके दोस्त सेना में सूबेदार ध्रुव ने फर्रूखाबाद निवासी शेर सिंह व अन्य युवकों से मिलवाया। इसके बाद सेना के नर्सिंग विभाग में 11 लाख व अग्निवीर में 5 लाख में भर्ती कराने की बात हुई थी। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर शेर सिंह ने केस दर्ज कराया था।