लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार स्नातक कक्षाओं में शुरू किए गए सेमेस्टर सिस्टम और इवेन सेमेस्टर में बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) पर आधारित परीक्षा में विद्यार्थियों के लिए नंबरों की बरसात हुई है। विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों बाद पास होने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा 90 फीसदी से भी ऊपर पहुंचा है। विवि प्रशासन इसे व्यवस्था में सुधार और एमसीक्यू आधारित परीक्षा के सकारात्मक परिणाम के तौर पर देख रहा है।
कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने परीक्षा परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रयोग 100 फीसदी सफल रहा है और आने वाले समय में बड़े बदलाव का कारक बनेगा। उन्होंने कहा कि विवि समेत सहयुक्त 176 कॉलेजों में सेमेस्टर व एमसीक्यू आधारित परीक्षा करवाई गई। इसकी कॉपी जांचने की प्रक्रिया में कोई भेदभाव नहीं कर सकेगा। न ही परीक्षा परिणाम में विद्यार्थी को कोई नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने में 7 नंबर के ग्रेस अंकों में किए गए बदलाव का भी काफी असर रहा है।
प्रो. सिंह ने कहा कि आम तौर पर प्रथम वर्ष का परिणाम अगस्त-सितंबर तक जारी होता था। इस साल पहली बार ऐसा है कि हम जून मध्य में रिजल्ट दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमसीक्यू की ठीक से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भी काफी मदद मिलेगा। वहीं शिक्षक भी कक्षाएं बंक नहीं कर सकेंगे। हमने मेरिटोरियस काउंसिल के विद्यार्थियों से भी फीडबैक लिया था, उन्होंने भी इसे सराहा। परिणाम जारी करने के साथ कुलपति ने सहयोग के लिए सभी डीन, विभागाध्यक्षों व परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके शर्मा का भी धन्यवाद दिया।
विरोध भी झेलना पड़ा
विवि में पीजी व व्यावसायिक कोर्सों में पहले से सेमेस्टर सिस्टम लागू है। प्रशासन ने वर्तमान सत्र 2018-19 में बीए, बीएससी, बीकॉम में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू किया। इसमें ऑड सेमेस्टर सब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित परीक्षा वाला रहा, जबकि इवेन सेमेस्टर एमसीक्यू आधारित। पहले तो शिक्षकों ने सेमेस्टर सिस्टम लागू करने और बाद में एमसीक्यू का काफी विरोध किया। छात्रों में भी इसे लकर काफी भ्रम रहा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे कड़ाई से लागू किया। इससे पहले शिक्षकों की कई कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें जानकारी दी। साथ ही प्रश्न बैंक भी बनाएं।
बीकॉम
सत्र 2017-18 वार्षिक परीक्षा परिणाम- 80.89% पास
सत्र 2018-19 सब्जेक्टिव सेमेस्टर परिणाम- 89.40% प्रमोटेड
सत्र 2018-19 एमसीक्यू बेस्ड सेमेस्टर परिणाम- 96.88% प्रमोटेड
बीए
सत्र 2017-18 वार्षिक परीक्षा परिणाम- 75.56% पास
सत्र 2018-19 सब्जेक्टिव सेमेस्टर परिणाम- 89.40% प्रमोटेड
सत्र 2018-19 एमसीक्यू बेस्ड सेमेस्टर परिणाम- 91.35% प्रमोटेड
बीएससी
सत्र 2017-18 वार्षिक परीक्षा परिणाम- 49% पास
सत्र 2018-19 सब्जेक्टिव सेमेस्टर परिणाम- 42.78% प्रमोटेड
सत्र 2018-19 एमसीक्यू बेस्ड सेमेस्टर परिणाम- 93.84% प्रमोटेड
बीएससी होम साइंस
सत्र 2017-18 वार्षिक परीक्षा परिणाम- 87.07% पास
सत्र 2018-19 सब्जेक्टिव सेमेस्टर परिणाम- 82% प्रमोटेड
सत्र 2018-19 एमसीक्यू बेस्ड सेमेस्टर परिणाम- 100% प्रमोटेड
कोर्स- कुल छात्र- फेल% - प्रमोटेड थर्ड सेमेस्टर %
बीकॉम- 9085- 3.12- 96.88
बीएससी- 5095- 6.16- 93.84
बीए- 17052- 8.65- 91.35
बीएससी होम साइंस- 65- 00- 100
नकल जीरो, आरटीआई में कम आवेदन
कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि एमसीक्यू का काफी असर नकल पर भी पड़ा है। जहां बीकॉम के सब्जेक्टिव पेपर में 4 नकलची पकड़े गए, वहीं एमसीक्यू में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया। इसी तरह बीएससी में सब्जेक्टिव पेपर में 1 नकलची मिला, एमसीक्यू में कोई नहीं। बीए में जहां पिछले साल वार्षिक परीक्षा में 12 नकलची थे। वहीं इस साल सब्जेक्टिव पेपर में 4 और एमसीक्यू में एक भी नकलची नहीं मिला। 90 मिनट के पेपर में विद्यार्थी को 80 प्रश्न हल करने थे। कई सिरीज होने से नकल का विकल्प खत्म था। आरटीआई के भी आवेदन कम हो गए हैं।
बचे कोर्सों में भी लागू होगा एमसीक्यू
विवि प्रशासन ने अपने यहां स्नातक-परास्नातक में लगभग सभी कोर्सों में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है। फिर भी बीकॉम ऑनर्स, लॉ, बीबीए व बीसीए कोर्स में अभी एमसीक्यू व्यवस्था नहीं लागू हुई है। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि बचे हुए कोर्सों में भी इसे लागू करेंगे।