लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने रोजेदारों से इफ्तार के बाद रक्तदान करने की अपील की है। संस्थान में ए और एबी पॉजिटिव रक्त समूह की गंभीर कमी को देखते हुए यह अपील की गई है। केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि इस पहल से कई मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
संस्थान के ब्लड बैंक में इन दिनों ए और एबी पॉजिटिव खून की उपलब्धता में काफी कमी आई है। इस कमी के कारण समय पर खून न मिलने से कई मरीजों के इलाज में बाधा आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, रमजान के दौरान रक्तदान शिविरों में कमी आती है। रोजेदार दिन में रोजा रखने के कारण खून देने से हिचकिचाते हैं।
केजीएमयू ने विशेष अपील जारी कर रोजेदारों से आग्रह किया है कि वे इफ्तार के बाद जब ऊर्जावान महसूस करें, तब रक्तदान के लिए आएं। रोजेदारों के लिए ब्लड बैंक में शाम के समय भी कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जिससे उन्हें कोई परेशानी न हो। रक्तदान के बाद जलपान और उचित आराम की भी व्यवस्था है। रक्तदान से पहले और बाद में उचित आहार और तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। केजीएमयू की ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रमुख प्रो. तूलिका चंद्रा ने बताया कि रक्तदान एक सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
खून देने में कटौती
केजीएमयू में ए और एबी ग्रुप की कमी को देखते हुए खून देने में भी कटौती की जा रही है। जिन मरीजों को चार यूनिट खून की जरूरत है, उन्हें फिलहाल तीन यूनिट खून ही दिया जा रहा है।
सामने आ रहे हैं महादानी
ब्लड बैंक में खून की कमी को देखते हुए लगातार लोग केजीएमयू पहुंच रहे हैं। इससे खून की कमी का संकट कुछ दूर हुआ है, लेकिन अभी भी और रक्तदान की जरूरत है।