जेईई मेन के बदले पैटर्न में साल में दो बार मेन देने का मौका, युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर जैसा साबित हो रहा है। इसकी बानगी सोमवार को घोषित दूसरे चरण के परिणाम में देखी जा सकती है। राजधानी के मोहम्मद मुजम्मिल के जनवरी की परीक्षा में सिर्फ 18 परसेंटाइल थे, वहीं अप्रैल की परीक्षा में उन्होंने 99.22 परसेंटाइल प्राप्त किए।
मुजम्मिल के पिता मोहम्मद शफीक अहमद चिनहट में एक इलेक्ट्रिक कंपनी में काम करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह कई बार आवश्यक सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा पाते थे। किंतु वे चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने।