लखनऊ के काकोरी में ट्रक हादसे में जान गंवाने वाली बुआ-भतीजी के घरों में कोहराम मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि दौड़ने निकलीं तीनों किशोरियां ट्रक की चपेट में आने के बाद करीब आधे घंटे तक सड़क पर लहूलुहान पड़ी रहीं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां सुबह आवाजाही बहुत कम होता है। हादसे में आराधना व उसकी भतीजी प्रिया की मौत हो गई।
आराधना की सहेली पिंकी गंभीर रूप से घायल है। हादसे का पता तब चला जब पिंकी की बहन चिंकी मॉर्निंग वॉक पर निकली। मोटी नीम चौराहे के पास तीनों को खून से लथपथ हालत में पड़ा देख उसके होश उड़ गए। वह चीखते हुए घर पहुंची और परिवारीजनों को सूचना दी। इसके बाद तीनों को अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सही समय पर मदद मिलती तो शायद दोनों की जान बच जाती। पुलिस ने बताया कि आराधना के पिता चंद्रपाल और प्रिया के पिता संतोष गौतम मेहनत-मजदूरी करते हैं। अराधना सात भाई-बहनों में छोटी थी और कक्षा नौ में पढ़ रही थी। प्रिया चार संतानों में सबसे बड़ी थी।
बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस में भर्ती होना चाहती थीं
आराधना और प्रिया की मौत से परिवारजन के साथ पूरा गांव सदमे में है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों किशोरियां बेटियों की सुरक्षा और न्याय के लिए ही पुलिस में भर्ती होना चाहती थीं। इसके लिए रोजाना सुबह पांच बजे बुआ-भतीजी दौड़ लगाने निकल पड़ती थीं। गांव की अन्य किशोरियां भी प्रेरित होकर इनके साथ दौड़ती थीं।